शुक्रवार, 02 जुलाई, 2004 को 04:35 GMT तक के समाचार
जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने कहा है कि यदि इराक़ की नई अंतरिम सरकार ने कहा तो उनका देश अपने सैनिक इराक़ भेजने पर विचार कर सकता है.
यदि ऐसा हुआ तो जॉर्डन इराक़ में सैनिक भेजने वाला पहला अरब राष्ट्र होगा.
अमरीका ने अब्दुल्ला के बयान का स्वागत किया है.
अब्दुल्ला ने कहा कि सैनिक भेजने के बारे में उनकी इराक़ी अधिकारियों से बात नहीं हुई है, लेकिन वह इराक़ को हर तरह से मदद देने को तैयार हैं.
बीबीसी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "यदि इराक़ी हमसे सहायता माँगते हैं तो इनकार करना हमारे लिए आसान नहीं होगा."
दुविधा भी
हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए जॉर्डन के सैनिकों को इराक़ भेजा जाना सहज नहीं होगा.
अब्दुल्ला ने कहा, "मैं समझता हूँ सैनिक भेजने के लिए हम सही विकल्प नहीं हैं. लेकिन यदि इराक़ियों के भविष्य के लिए हम कुछ कर सकते हैं तो हम निश्चय ही ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार करेंगे."
इराक़ की अंतरिम सरकार के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, " सुरक्षा की समस्या उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी, और उन्हें हर किसी की सहायता की ज़रूरत होगी."
अब्दुल्ला ने कहा, " राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को मेरा यही संदेश है कि आप हमें बताएँ कि क्या चाहते हैं और हम क्या कर सकते हैं, और हमारा 110 प्रतिशत सहयोग मिलेगा."