शुक्रवार, 25 जून, 2004 को 01:51 GMT तक के समाचार
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने वहाँ हुई ताज़ा हिंसा के लिए विदेशी इस्लामी चरमपंथियों और सद्दाम हुसैन के कुछ समर्थकों को दोषी ठहराया है.
उन्होंने कहा है कि वे इन तत्वों को 'कुचल' देंगे.
इराक़ में सत्ता हस्तांतरण से छह दिन पहले उन्होंने कहा कि वे इन लोगों का सामना करेंगे और इन्हें हरा देंगे.
लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि संभावना है कि आने वाले कुछ दिनों में ऐसे हमले बढ़ सकते हैं.
पुलिस थानों पर हमले
गुरुवार को इराक़ के मध्य और उत्तरी इलाक़ों में चरमपंथियों ने सुनियोजित तरीक़े से कई शहरों में पुलिस थानों पर हमले किए.
इन हमलों में लगभग सौ लोग मारे गए और अनेक लोग घायल हुए.
मूसल में चार विस्फोट हुए, बाक़ूबा और रमादी में चरमपंथियों ने पुलिस थानों पर ग्रेनेड फेंके और फ़लूजा में संघर्ष में एक अमरीकी हेलिकॉप्टर गिरा दिया गया.
ये सभी हमले तड़के हुए और तीन अलग-अलग जगहों पर पुलिस थानों को निशाना बनाया गया.
उत्तरी शहर मूसल में अधिकारियों ने कहा कि कम से कम एक विस्फोट तो आत्मघाती कार बम हमला था.
सैनिकों पर मुकदमा नहीं
उधर अमरीका का कहना है कि इराक़ में सत्ता हस्तांतरण के बाद भी अमरीकी सैनिकों पर अमरीका का ही अधिकार होगा.
अमरीकी रक्षा मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि इराक़ी अधिकारियों के साथ इस बारे में बातचीत चल रही है.
एक वरिष्ठ अमरीकी सैनिक अधिकारी ने कहा कि योजना ये है कि विदेशी सैनिकों पर किसी इराक़ी न्यायालय में मुकदमा नहीं चलाया जा सकेगा.