बुधवार, 23 जून, 2004 को 04:15 GMT तक के समाचार
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति रूह मू-ह्यान ने इराक़ में दक्षिण कोरियाई बंधक की सिर काटकर हत्या कर देने पर दुख व्यक्त किया है.
उन्होंने इसे मानवता के ख़िलाफ़ किया गया अपराध बताया है लेकिन ये भी कहा कि उनका देश फिर भी तीन हज़ार और सैनिकों को इराक़ भेजेगा.
विद्रोहियों ने माँग की थी कि बंधक किम सुन को तब ही रिहा किया जाएगा जब दक्षिण कोरिया अपने सैनिकों को इराक़ से वापस बला लेता है.
अरबी टेलिविज़न चैनल अल जज़ीरा ने दक्षिण कोरियाई बंधक किम सुन का सर काटे जाने के दृश्य को चरमपंथियों की चेतावनी के साथ दिखाया है.
इस संदेश में कहा गया है, "यह तुम्हारे कर्मों का फल है. अब झूठ बोलना और धोखाधड़ी बंद करो. तुम्हारी सैना यहाँ इराक़ियों के हित के लिए नहीं बल्कि अमरीका के लिए है."
किम सुन का शव अमरीकी सैनिकों को फलूजा औऱ बगदाद के रास्ते में पडा मिला.
संयुक्त राष्ट्र ने इस हत्या की निंदा की है.
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता किम सूक ने कहा है कि इस घटना से पूरा देश शोक में डूब गया है.
![]() इराक़ में दक्षिण कोरिया के 600 सैनिक हैं लेकिन वह वहाँ 3000 और सैनिक भेजेगा |
अमरीकी सेना मानती है कि इराक़ में विदेशियों के अपहरण के पीछे अल क़ायदा से संबंधित जॉर्डन ने पैदा हुए चरमपंथी अबू मुसाव अल ज़रक़ावी हैं.
इस बीच अमरीकी सैना का कहना है कि उसने फलूजा में हवाई आक्रमण किया है ताकि
अल ज़रक़ावी के लड़ाकों को पकड़ा जा सके.