बुधवार, 16 जून, 2004 को 23:45 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने बुधवार को पाकिस्तान को 'ग़ैर-नैटो सहयोगी' का दर्जा दे दिया है.
इसकी घोषणा विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने मार्च में पाकिस्तान दौरे के दौरान की थी.
बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता पॉल रॉबसन का कहना है कि 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' में साथ देने के लिए यह एक तरह का इनाम है, धन्यवाद ज्ञापन है.
इस घोषणा के बाद पाकिस्तान उन देशों के समूह में शामिल हो गया है जिनको अमरीका ने ग़ैर-नैटो सहयोगी का दर्जा दे रखा है.
यह दर्जा मिल जाने का मतलब यह होगा कि पाकिस्तान को विदेशी सहायता और सैन्य सहायता समेत कई फ़ायदे मिलने लगेगा और सैन्य सामग्री भी प्राथमिकता के आधार पर मिलने लगेगी.
प्रतीक
हालांकि यह दर्जा मिलने का महत्व वास्तव में जितना है उससे ज़्यादा इसके प्रतीक की है.
छह साल पहले परमाणु परीक्षण करने के बाद अमरीका ने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगा दिए थे.
लेकिन अब वह इसराइल और दक्षिण कोरिया के साथ अमरीका के 'ग़ैर नैटो सहयोगी' देशों की श्रेणी में खड़ा हुआ है.
राष्ट्रपति बुश ने इस घोषणा के लिए दिन भी वह चुना है जब 11 सितंबर को हुए हमले पर आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के रवैये से ओसामा बिनलादेन को मदद मिली.
हालांकि वह तब की बात है जब दोनों देशों के संबंध सुधरे नहीं थे.