मंगलवार, 15 जून, 2004 को 01:45 GMT तक के समाचार
लंदन में रहने-बसने का सपना देखने वाले दक्षिण एशियाइयों के लिए एक बुरी ख़बर है.
आंकड़ों से पता चला है कि लंदन में रहने वाले दक्षिण एशियाइयों के बीच अपराध की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है.
इसमें हत्या, अपहरण से लेकर नशीली दवाओं से जुड़े अपराध और हथियार रखना तक सब शामिल है.
सिर्फ़ हत्या के मामले देखें तो पिछले एक दशक में तीन सौ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है.
पुलिस के सहायक आयुक्त तारिक़ गफ़ूर का कहना है कि इस बीच अपहरण, नशीली दवाओं से जुड़े अपराध और सब-मशीन गन के उपयोग में भी बढ़ोत्तरी हुई है.
उनका कहना है कि इन आँकड़ों का मतलब है कि दक्षिण एशियाई अपराधियों के ख़िलाफ़ विशेष अभियान छेड़ना होगा.
इसके लिए पुलिस ने 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' की तरह का एक अभियान छेड़ने का फ़ैसला किया है.
'ऑपरेशन ट्राइडेंट' लंदन की पुलिस ने अफ़्रीकी और कैरिबियन लोगों में नशे और हथियार से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए चलाया था.
उन्होंने चेतावनी दी कि अब यदि कार्रवाई नहीं की गई तो दक्षिण एशियाई अपराधियों के गिरोह खड़े हो सकते हैं.
विशेष प्रकोष्ठ
इसके लिए एक विशेष प्रकोष्ठ तैयार किया जा रहा है.
पहले चरण में ख़ुफ़िया सूचनाएँ जुटाने वाला दस्ता तैयार किया जाएगा. इस दस्ते का गठन अगले दो महीनों में हो जाने की संभावना है.
सहायक आयुक्त के अनुसार पूरा प्रकोष्ठ एक साल के भीतर काम करने लगेगा.
उनका कहना है कि दक्षिण एशियाई माँ-बाप ने अपने बच्चों पर नियंत्रण खो दिया है और अब वे इसके लिए अपने धार्मिक स्थलों को दोष दे रहे हैं कि उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया.