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मंगलवार, 15 जून, 2004 को 12:37 GMT तक के समाचार

'कुत्ते जैसे बर्ताव का निर्देश था'

इराक़ की अबू ग़रेब जेल में दुर्व्यवहार के मामले में निलंबित अमरीकी जनरल जेनिस कारपिंस्की ने कहा है कि उन्हें क़ैदियों के साथ कुत्ते जैसा बर्ताव करने को कहा गया था.

बीबीसी के साथ इंटरव्यू में कारपिंस्की ने कहा कि इस मामले में चल रहे सैनिक मुक़दमे के दौरान और भी सनसनीख़ेज जानकारी सामने आ सकती है.

कारपिंस्की ने एक बार फिर कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है और माँग कि इराक़ में गठबंधन सेना के कमांडर जनरल रिकार्डो सांचेज़ से भी सवाल-जवाब करने चाहिए कि वे इस बारे में क्या जानते हैं.

कारपिंस्की ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी ऊंगली उठाई.

लेकिन पेंटागन अपने इस तर्क पर क़ायम है कि क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में कुछ लोग ही शामिल थे.

कारपिंस्की ने उन आरोपों को ठुकरा दिया कि उन्होंने अबू ग़रेब जेल में हो रहे दुर्व्यहार की ओर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने दावा किया कि उन्हें जान-बूझकर ग़लत जानकारी दी गई.

'कुत्तों की तरह व्यवहार करो'

जनरल कारपिंस्की ने कहा कि सैनिक ख़ुफ़िया अधिकारियों ने अबू ग़रेब जेल का कुछ हिस्सा अपने नियंत्रण में ले लिया था और वहाँ पूछताछ के लिए ग्वांतानामो बे की तरह व्यवहार हो रहा था.

उन्होंने कहा कि ग्वांतानामो में रह चुके और अभी अबू ग़रेब जेल के प्रभारी जनरल ज्योफ़्री मिलर ने उनसे मुलाक़ात करके कहा था, "क़ैदी कुत्तों की तरह हैं. आप कभी उनको यह विश्वास दिलाने की कोशिश करेंगी कि वे कुत्तों से बेहतर है. तो आप उन पर से नियंत्रण खो देंगे."

कारपिंस्की ने कहा कि जनरल रिकार्डो सांचेज़ से यह पूछा जाना चाहिए कि वे तस्वीरें कहाँ गईं जो उन्हें लगता है कि आधिकारिक तौर पर लिए गए थे.

अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसी संस्थाओं ने पूरी जानकारी के आधार पर ये कहा है कि इराक़ के साथ-साथ क्यूबा के ग्वांतानामो बे और अफ़ग़ानिस्तान में भी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार हो रहे हैं.

इन संस्थाओं ने इस पर भी सवाल उठाए हैं कि कुछ क़ैदी इन जेलों से ग़ायब हो गए और बाद में उनके बारे में कोई जानकारी भी नहीं मिल पाई.

पेंटागन का कहना है कि यह समस्या सिर्फ़ कुछ लोगों के कारण है न कि व्यवस्था के कारण. लेकिन अमरीकी मीडिया इस बारे में व्यवस्था को आड़े हाथों ले रहा है.

अमरीकी रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने उन अटकलों को ख़ारिज कर दिया है कि वे या राष्ट्रपति बुश का मानना है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में प्रताड़ना जायज़ होती है.