शनिवार, 12 जून, 2004 को 05:54 GMT तक के समाचार
बोस्निया के सर्ब अधिकारियों ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि उनकी सेना 1995 में स्रेब्रेनित्सा में हुई हज़ारों मुसलमानों की हत्या में शामिल थी.
स्रेब्रेनित्सा की घटना को दूसरे विश्व युद्ध के बाद से यूरोप का सबसे बड़ा नरसंहार माना जाता है.
इस मामले की जाँच कर रहे एक सरकारी आयोग ने कहा है कि सर्ब सैनिक और पुलिस बल बड़े पैमाने पर मानवाधिकार हनन में शामिल थे और बाद में इसे छिपाने की कोशिश की.
अभी तक छह हज़ार से ज़्यादा लोगों के शव सामूहिक कब्र से निकाले जा चुके हैं. इनमें बड़ी संख्या में बच्चों के शव भी थे.
बोस्निया युद्ध के आख़िरी दौर में 1995 में सर्ब सेनाओं ने स्रेब्रेनित्सा शहर में क़रीब आठ हज़ार मुस्लिम पुरुषों और बच्चों को मार डाला था.
बोस्निया के सर्ब राष्ट्रपति ड्रैगन कैविक ने कहा है कि अब समय आ गया है कि जिन लोगों ने अपराध किया है वो इसकी सज़ा भुगतें. चाहे उनका कोई भी सैद्धांतिक रुख़ रहा हो.
मामले की जाँच कर रहे आयोग ने यह भी कहा है कि स्रेब्रेनित्सा में 32 और सामूहिक कब्रों का पता चला है.
लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस मामले में असली प्रगति उस समय मानी जाएगी जब बोस्निया के सर्ब अधिकारी किसी युद्ध अपराधी को गिरफ़्तार करेंगे.
सात सदस्यीय जाँच आयोग का गठन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में हुआ था. इस आयोग में एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और एक मुस्लिम सदस्य भी शामिल हैं.
दोषी
संयुक्त राष्ट्र युद्ध अपराध पंचाट ने बोस्निया के सर्ब नेता रावोदान करादज़िच और उनके सैनिक कमांडर रातको म्लादिच को स्रेबेनित्सा के नरसंहार के लिए दोषी ठहराया है.
जनरल म्लादिच के उप कमांडर रादिस्लाव क्रस्तिच पहले व्यक्ति थे जिन्हे बोस्निया नरसंहार के लिए दोषी ठहराया गया.
म्लादिच ने स्रेब्रेनित्सा में हुए नरसंहार की योजना बनाई थी.
इस शहर में युद्ध के बाद की मुस्लिम आबादी में से सिर्फ़ 27 हज़ार लोग ही यहां रह रहे हैं.
इस शहर के आसपास अब भी सामूहिक क़ब्रें मिल रही हैं.
डीएनए तकनीक में हुई प्रगति के कारण अवशेषों की पहचान में आसानी तो हो रही है लेकिन अभी भी हज़ारों लोगों के अवशेष की पहचान नहीं हो पाई है.