गुरुवार, 03 जून, 2004 को 05:08 GMT तक के समाचार
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा है कि इराक़ में सत्ता के हस्तांतरण के बाद नई सरकार का अमरीकी और ब्रितानी सेना की कार्रवाइयों पर कोई अधिकार नहीं रहेगा.
पॉवेल की ये टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक महत्त्वपूर्ण बैठक से कुछ पहले ही आया है.
इस बैठक में इराक़ को लेकर एक नए प्रस्ताव पर चर्चा होगी.
बैठक में इराक़ के विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी भी मौजूद रहेंगे.
सत्ता सौंपे जाने के बाद सैनिक कार्रवाइयों पर अधिकार को लेकर पॉवेल के इस बयान को किसी अमरीकी अधिकारी की ओर से आया अब तक का सबसे खरा बयान माना जा रहा है.
कॉलिन पॉवेल ने स्पष्ट किया कि अमरीकी और इराक़ी सेना अलग-अलग कमान में रहेंगी और उनके बीच समन्वय बनाए रखने के लिए एक प्रणाली होगी.
पॉवेल ने दोहराया कि नई इराक़ी सरकार प्रभुसत्ता संपन्न होगी मगर उन्होंने ये भी कहा कि एक बार जब अमरीकी नेतृत्व वाली फौजों की मौजूदगी स्वीकार कर ली जाती है तो उन पर इराक़ी सरकार का किसी तरह का वीटो का अधिकार नहीं रह जाएगा.
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के उस बयान का ये बिल्कुल ही उलट बयान है जिसमें ब्लेयर ने कहा था कि कार्रवाइयों के लिए इराक़ी सरकार की सहमति ज़रूरी होगी.
साथ ही इस रुख़ के साथ संयुक्त राष्ट्र में पेश किए गए नए प्रस्ताव को लेकर भी अमरीका और ब्रिटेन को कुछ मुश्किल हो सकती है.
इस बीच फ़्रांस, रूस और चीन ने कहा है कि वे पेश किए गए दस्तावेज में कुछ तब्दीलियाँ चाहते हैं.