शनिवार, 29 मई, 2004 को 00:52 GMT तक के समाचार
ईयाद अलावी अमरीका के समर्थन वाले उन धर्मनिरपेक्ष इराक़ी नेताओं में से हैं जो अप्रैल 2003 में सद्दाम हुसैन की सरकार के गिरने तक निर्वासन में थे.
एक पर्यवेक्षक के अनुसार विभिन्न इराक़ी हल्कों में बहुत सारे लोगों के लिए उन पर विश्वास करना मुश्किल है.
इराक़ के धार्मिक नेता मानते हैं कि वे ज़रूरत से ज़्यादा धर्मनिरपेक्ष हैं जबकि अमरीकी गठबंधन उन्हें एक आलोचक के रूप में देखता है.
सद्दाम के विरोधी उन्हें बाथ पार्टी के पूर्व सदस्य के रूप में देखते हैं जबकि कई आम इराक़ी मानते हैं कि वे अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के एजेंट हैं.
बाथ पार्टी के सदस्य
ईयाद अलावी सन 1945 में एक सम्पन्न शिया परिवार में पैदा हुए.
वे सद्दाम हुसैन के शासनकाल में ख़ुफ़िया अधिकारी थे और बाथ पार्टी के सदस्य भी थे.
फिर बाथ पार्टी नेतृत्व से उनका मोहभंग हुआ और 1971 में वे इराक़ छोड़कर देश से बाहर चले गए.
ईयाद अलावी ने ब्रिटन पहुँचकर डॉक्टरी की पढ़ाई की और 'न्यूरोलॉजिस्ट' बने.
सन 1978 में उनका ब्रिटन की सुरक्षा सेवा के साथ संबंध बढ़ा.
हत्या की कोशिश
जब सद्दाम हुसैन की गुप्तचर सेवा मुख़बरात को इस बात की भनक पड़ी तो अलावी की हत्या करने की कोशिश की गई.
हमलावरों ने रात के समय उनके घर पर धावा बोला लेकिन अलावी इस हमले में बच गए.
उन्होने अमरीका और ब्रिटन की गुप्तचर सेवाओँ की मदद से इराक़ नेशनल एकॉर्ड नामक संगठन का गठन किया जिसमें मुख्य रूप से इराक़ की बाथ पार्टी के उन सैनिक सदस्यों को शामिल किया जो पाला बदल चुके थे.
इस संगठन की शुरु से यही कोशिश रही कि सद्दाम का तख़्ता पलटने के लिए इराक़ी सेना के भीतर ही स़ाज़िश रची जाए.
लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली.
इयाद अल्लावी अमरीकी ख़ुफ़िया एजेन्सी और विदेश मंत्रालय के क़रीब समझे जाते हैं और शायद इसीलिए उन्हे अंतरिम प्रधानमंत्री चुना गया है.