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नजफ़ में युद्ध रोकने पर सहमति

इराक़ में विद्रोही शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के युद्ध रोकने के प्रस्ताव के बाद अमरीकी नेतृत्व वाली सेनाओँ ने नजफ़ में सैनिक कार्रवाई रोकने की घोषणा की है.

गठबंधन सेनाओं के प्रवक्ता डैन सेनोर ने कहा है कि वे धीरे धीरे इराक़ी सुरक्षा बलों को अधिकार सौंप देंगे.

शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने पवित्र शहर नजफ़ से अपने सशस्त्र समर्थकों को बाहर निकालने का प्रस्ताव किया है बशर्ते अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजें भी वहाँ से हट जाएँ.

उनके समर्थक गत अप्रैल से अमरीकी नेतृत्व वाली सेना के ख़िलाफ़ हथियार उठाए हुए हैं और सेना के साथ उनकी कई ख़ूनी झड़पें हो चुकी हैं.

इन झड़पों में सैकड़ों लड़ाके मारे जा चुके हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका चाहता है कि 30 जून को अंतरिम इराक़ी सरकार को सत्ता सौंपने से पहले नज़फ़ की समस्या का हल निकल आए.

प्रस्ताव

सेनोर का कहना है कि गठबंधन सेना सावधानी के साथ सद्र के प्रस्ताव को लेकर आशान्वित है.

उन्होंने बग़दाद में एक पत्रकार वार्ता में कहा है कि गठबंधन फ़ौजें तब तक नजफ़ में रहेंगी जब तक इराक़ी सुरक्षा बल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण भवनों को अपने कब्जे में नहीं ले लेतीं.

उनका कहना है कि अमरीकी सेना कार्रवाई रोक रही है लेकिन वह सुरक्षा और गश्त जारी रखेगी.

इससे पहले इराक़ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मौफ़ाक़ अल-रुबाई ने कहा कि सद्र के समर्थक लड़ाके नजफ़ का नियंत्रण स्थानीय पुलिस को सौंप देंगे.

ऐसी भी ख़बरें हैं कि सद्र ने अपने ख़िलाफ़ जारी हत्या के एक मामले की जाँच भी रोके जाने की माँग की है.

बग़दाद से बीबीसी संवाददाता दुमीता लूथरा के अनुसार मुक़्तदा अल सद्र पहले भी इस तरह की पेशकश कर चुके हैं लेकिन अमरीका उनके साथ कोई सौदा करने से इनकार करता रहा है.

लेकिन इस बार अमरीका ने सकारात्मक प्रतिक्रिया जताई है.

हत्या का मामला

अमरीकी सैनिक पिछले साल अप्रैल में एक शिया नेता ही हत्या के मामले में मुक़्तदा अल सद्र तलाश कर रहे हैं.

अमरीकी सैनिक इस साल अप्रैल से ही सद्र के लड़ाकों को परास्त करने का प्रयास कर रहे हैं.

पिछले कुछ दिनों के दौरान नजफ़ में दोनों पक्षों के बीच जम कर संघर्ष हुआ है.

बुधवार को अमरीकी सैनिकों ने मुक़्तदा अल सद्र के एक निकट सहयोगी और रिश्तेदार सैयद रियाद अल-नूरी को पकड़ लिया था.

उन्हें नजफ़ में गिरफ़्तार किया गया था.