शुक्रवार, 21 मई, 2004 को 10:39 GMT तक के समाचार
इसराइल की सेनाएं फ़लस्तीनी क्षेत्र रफ़ा में दो इलाक़ों से आँशिक रूप से वापस हट गई हैं.
ये सेनाएं फ़लस्तीनी शरणार्थी शिविर रफ़ा में पिछले कुछ दिनों से क़ाबिज़ थीं और वहाँ उन्होंने बहुत से घरों को गिरा दिया है.
इसराइली सेनाओं की इस कार्रवाई में 40 फ़लस्तीनी मारे भी गए और अनेक घायल हुए.
सेनाओं ने वहाँ टैंकों और भारी बुलडोज़रों का इस्तेमाल किया जिनसे बहुत से घर तो बिल्कुल मिट्टी में मिल गए, कुछ सड़कें भी टूट-फूट गईं.
इस कार्रवाई में बहुत सी महत्वपूर्ण इमारतें बिल्कुल ध्वस्त हो गईं जिनमें ग़ज़ा पट्टी का एक मात्र चिड़ियाघर भी है.
अब भी इसराइल के बहुत से सैनिक और टैंक रफ़ा में मौजूद हैं.
इसराइल का कहना है कि रफ़ा क्षेत्र में फ़लस्तीनी चरमपंथियों का सफ़ाया करने के इरादे से सैनिकों ने वहाँ कार्रवाई की.
रफ़ा के लोग इसराइली कार्रवाई पर बहुत नाराज़ हैं और वहाँ तबाही को देखकर उनमें इसराइल के लिए भारी आक्रोश है.
यूरोपीय निंदा
यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों के आयुक्त क्रिस पैटन ने रफ़ा में इसराइली कार्रवाई की निंदा की है.
बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में क्रिस पैटन ने बुधवार को कहा कि इसराइल को अलबत्ता आत्मरक्षा का अधिकार है लेकिन रफ़ा में उसकी कार्रवाई बिल्कुल भी उचित नहीं थी.
क्रिस पैटन ने कहा कि रफ़ा में इसराइली कार्रवाई एक ज़्यादती, विवेकहीन और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है.
उन्होंने कहा कि अगर सुरंगों के नेटवर्क को नाकाम करना था तो उसके लिए फ़लस्तीनियों पर गोली चलाना किस तरह से ज़रूरी हो सकता है.
क्रिस पैटन ने कहा कि इसराइली कार्रवाई से सिर्फ़ फ़लस्तीनी चरमपंथियों का समर्थन आधार बढ़ेगा.
क्रिस पैटन ने ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से अनुरोध किया कि वह अमरीका से इस बारे में इसराइल पर दबाव बढ़ाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी गज़ा पट्टी में इसराइली सैनिक कार्रवाई में निर्दोष नागरिकों के मारे जाने पर गुरूवार को एक निंदा प्रस्ताव पारित किया था.