http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 12 मई, 2004 को 12:03 GMT तक के समाचार

ग़ज़ा में एक और इसराइली वाहन नष्ट

ग़ज़ा शहर इसराइल का एक और बख़्तर बंद वाहन नष्ट कर दिया गया है.

शहर में उस समय दोबारा हिंसा भड़क उठी जब इसराइल ने अपने छह सैनिकों के शवों को हासिल करने की कोशिश की.

ये छह सैनिक मंगलवार को हुए बम धमाके में मारे गए थे, मंगलवार को ग़ज़ा शहर में हिंसा में आठ फ़लस्तीनी मारे गए थे और अनेक लोग घायल हो गए थे.

इसराइली सेना का एक वाहन सड़क पर लगाए गए विस्फोटक से टकराने के बाद टुकड़े-टुकड़े हो गया था और सैनिकों के शव के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए थे.

बुधवार को भी एक अन्य फ़लस्तीनी व्यक्ति के मारे जाने की ख़बर है जबकि अनेक लोग घायल हुए हैं, ग़ज़ा शहर में बुधवार को इसराइली हेलिकॉप्टरों ने मिसाइलों से हमला किया जिसमें फ़लस्तीनी व्यक्ति मारा गया.

बुधवार की सुबह फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने कई बम धमाके किए जिसका निशाना इसराइली सेना की एक बख़्तरबंद टुकड़ी थी.

इसके थोड़ी देर बाद इसराइली रेडियो ने घोषणा की कि ये धमाके फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने किए थे लेकिन यह नहीं बताया गया कि इन धमाकों में कोई हताहत हुआ या नहीं.

रेडियो ने यह भी कहा कि चरमपंथियों ने टैंकरोधी मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया था लेकिन उनका निशाना चूक गया.

बम धमाके में मारे गए इसराइली सैनिकों के शवों के टुकड़ों को कई फ़लस्तीनी लोग उठाकर ले गए हैं और इसराइली सेना उन्हें खोजने के लिए घर-घर की तलाशी ले रही है.

फ़लस्तीनी प्रशासन ने लोगों और चरमपंथी संगठनों से अपील की है कि वे "मानवाधिकारों और इस्लाम के उसूलों का खयाल रखते हुए इसराइली सैनिकों के अवशेष लौटा दें."

मंगलवार को फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों ने इसराइली सैनिकों के शरीर के टुकड़ों का सड़कों पर खुलेआम प्रदर्शन किया जिसके बाद इसराइली सेना में क्रोध की लहर दौड़ गई.

मंगलवार की ही रात को इसराइली मंत्रिमंडल की एक बैठक हुई जिसके बाद प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा कि उनका देश एक "क्रूर और अमानवीय शत्रु" से लड़ रहा है.

बातचीत नहीं

ख़बर है कि मिस्र के वार्ताकारों ने इस टकराव को टालने के लिए फ़लस्तीनी चरमपंथियों से बातचीत शुरू कर दी है, लेकिन इसराइल का कहना है कि वह सैनिकों के अवशेष की वापसी के लिए कोई समझौता नहीं करेगा.

फ़लस्तीनियों के नेता यासिर अराफ़ात ने कहा है कि वे "ग़ज़ा के भाइयों के साथ संपर्क में हैं ताकि इस संघर्ष का अंत हो सके."

पिछले दो वर्षों में इसराइली सेना के लिए यह पहला बड़ा आघात है, नवंबर 2002 में हेब्रॉन में आठ इसराइली सैनिक मारे गए थे.

ग़ज़ा इलाक़े में हिंसा के इस ताज़ा दौर ने एक बार फिर इस आशंका को मज़बूत किया है कि क्षेत्र में स्थिति बद से बदतर हो सकती है.