इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर का मानना है कि इराक़ी क़ैदियों के साथ अमरीकी सैनिकों के अमानवीय व्यवहार का इतना प्रचार होने के बावजूद इराक़ को अमरीकी प्रशासन के नेतृत्व में फ़ायदा मिल रहा है.
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के सुर से सुर मिलाते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह अमरीकी सैनिक लोगों से साथ मिलकर इराक़ के पुनर्निर्माण में योगदान दे रहे हैं, वह 'अमरीका की सच्चाई' को दर्शाता है.
हालाँकि उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के प्रकरण से अमरीका के सम्मान को काफी ठेस लगी है.
अमरीकी नेतृत्व वाली सेनाओं ने ये भी माना कि उन्हें जनवरी में अबू ग़रेब जेल में कैदियों के साथ बुरे सलूक़ की रिपोर्ट मिली थी.
इन सेनाओं के प्रवक्ता डेन सेनर ने पत्रकारों को बताया, "ब्रेमर को जनवरी 2004 में इस तरह के अमानवीय बर्ताव के आरोपों की जानकारी दी गई थी."
लेकिन डेन सेनर ने ये भी कहा कि ये सही तरह से नहीं कहा जा सकता कि ब्रेमर ने वे तस्वीरें
कब देखीं.
वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता एडम ब्रुक्स का कहना है कि इन तस्वीरों को लेकर पूरे अमरीका में लोगों की नाराज़गी साफ दिखाई देती है.
शनिवार को एक रेडियो संदेश में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि ये इक्के-दुक्के मामले हैं और पूरी अमरीकी सेना का चरित्र नहीं दर्शाते.
उधर कुछ अन्य घटनाओं में अमरीकी सैनिकों ने शिया सरदार मुक्तदा सद्र के बग़दाद स्थित ऑफिस प्रमुख, सैयद अमीर अल हुसैनी को कब्ज़े में ले लिया. इस दौरान गोलीबारी में एक चरमपंथी की मौत हो गई.
बसरा, अमारा और करबला में ब्रिटिश और दूसरे गठबंधन सैनिकों की सद्र के समर्थक मेहदी चरमपंथियों से मुठभेड़ हुई.
बक़ूबा में एक पुलिस अधिकारी के घर पर बम विस्फोट में एक महिला समेत तीन लोग मारे गए.
कोई जवाब नहीं
इराक़ में अमरीका की ओर से नियुक्त नियुक्त पूर्व मानवाधिकार मंत्री, अब्दुल बसेत तुर्की ने फ्रांस में मीडिया को बताया कि उन्होंने पिछले साल पॉल ब्रेमर से बातचीत के दौरान अमानवीय व्यवहार की घटनाओं की ज़िक्र किया था.
![]() ब्रेमर का मानना है कि गठबंधन सेना ने इराक को फ़ायदा पहुँचाया है. |
तुर्की ने एएफपी न्यूज़ एजेंसी को बताया, "उन्होंने सुना पर कोई जवाब नहीं दिया,"
फ़लूजा पर कब्ज़े के विरोध में इस्तीफा देने वाले इस पूर्व मंत्री ने फ्रांसीसी अख़बार में कहा कि उन्होंने कैदियों के साथ दुर्व्यवहार की और जानकारी इसी सप्ताह जुटाई है. लेकिन इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया.
रेड क्रॉस ने भी कहा है कि उसने इन तस्वीरों के सामने आने से कई महीने पहले अमरीकी अधिकारियों को इस दुर्व्यवहार की ख़बर दी थी.
ब्रिटेन सरकार ने पुष्टि की है कि उसे फरवरी में रेड क्रॉस की रिपोर्ट मिली थी, जिसमें क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की बात कही गई थी.
रिहाई की अपील
उधर अमरीकी गार्ड सेबरीना डी हर्मन ने वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि जेल में सेना पुलिस को "नर्क जैसे हालात बनाने पड़े जिससे कैदियों से जानकारी उगलवाई जा सके." हर्मन पर कदियों के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोप हैं.
बगदाद से भेजी गई एक ई-मेल में उन्होंने कहा है कि उन्हें जेनेवा संधि के बारे में जानकारी नहीं थी.
उधर सुन्नी अल अनबर ज़िले के स्थानीय नेताओं ने अमरीकी नेतृत्व वाली सेना से गुज़ारिश की है कि जिन कैदियों पर गंभीर आरोप नहीं है, वो उनको रिहा कर एक अच्छा उदाहरण पेश करें.
बगदाद में पॉल ब्रेमर के साथ बातचीत के दौरान उनके प्रतिनिधि मामून सामी रशीदात ने कहा, "इसके जवाब में उतना ही बड़ा क़दम उठाने की ज़रूरत है, जितना बड़ा ये मुद्दा है."
इसपर पॉल ब्रेमर ने कहा," मुझे लगता है कि उस जेल में मौजूद कुछ सैनिकों के बर्ताव को लेकर हमें पूरी अमरीकी सेना की आलोचना नहीं करनी चाहिए."