अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने इराक़ी कैदियों के साथ बदसलूकी के मामले में पहली बार अफ़सोस जताया है.
जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "क़ैदियों और उनके परिवार के लोगों के साथ अपमानजनक व्यवहार के लिए मुझे अफ़सोस है."
अमरीकी राष्ट्रपति का सार्वजनिक तौर पर "आई एम सॉरी" कहना अपने-आप में एक बड़ी घटना है.
इससे पहले बुश ने दो अरबी टीवी चैनलों को इंटरव्यू दिया था लेकिन उनमें माफ़ी न माँगने के लिए बुश को कड़ी अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करना पड़ा था.
इराक़ में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार की गुरूवार को अख़बारों में और तस्वीरें छपने के बाद विवाद अधिक कटु हो गया.
राष्ट्रपति बुश ने इससे पहले जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला से मुलाक़ात की थी जिसके बाद उन्होंने यह बयान दिया.
रम्सफ़ेल्ड
अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर बुश ने कहा, "मैंने उनसे कहा कि मुझे तस्वीरों और रिपोर्ट के बारे में जानकारी होनी चाहिए थी."
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन को इसके बारे में दो महीने पहले पता था.
क्या रम्सफ़ेल्ड को इस वजह से मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है, यह पूछे जाने पर बुश ने कहा, "रम्सफ़ेल्ड ने देश की सेवा अच्छी तरह की है, वे मेरे मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण सदस्य हैं और वे मंत्री पद पर बने रहेंगे."
बुश ने कहा कि उन्हें इराक़ी कैदियों के साथ बदसलूकी का अंदाज़ा तब लगा जब उन्होंने टेलीविज़न पर तस्वीरें देखीं.
प्रताड़ित किए जा रहे इराक़ी कैदियों के बीच हँस रहे अमरीकी सैनिकों की तस्वीरें दुनिया भर के अख़बारों में प्रकाशित होने के बाद बुश को काफ़ी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है.
अमरीका में विपक्षी दलों ने बुश प्रशासन के रवैए की कड़ी आलोचना की है और आरोप लगाया है कि उन्होंने मामले को दबाने की कोशिश की.
अमरीकी रक्षा मंत्री को शुक्रवार को संसद के ऊपरी सदन में कड़े सवालों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि विपक्ष ने उन्हें घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है.