ग़ज़ा पट्टी में इसराइली मिसाइल हमले में हमास के दो सदस्य मारे गए हैं जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं.
फ़लस्तीनियों के अनुसार ख़ान यूनुस कैंप में हथियारबंद लोगों के एक समूह पर हेलिकॉप्टर से हमले हुए.
ये हमले उस समय हुए हैं जब इसराइली राष्ट्रपति ग़ज़ा के बारे में अपने अगले क़दम पर विचार-विमर्श कर रहे हैं.
ग़ज़ा से बस्तियाँ हटाने के उनके प्रस्ताव को उनकी लिकुड पार्टी ने ही ख़ारिज कर दिया है.
इस बीच प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसराइली सैनिकों ने फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात के मुख्यालय को घेर लिया है.
पश्चिमी तट के शहर रमल्ला में इसराइली जीपों ने अराफ़ात के मुख्यालय को घेर लिया और सैनिकों ने पास की ही एक इमारत पर क़ब्ज़ा भी कर लिया है.
अराफ़ात उस इमारत में दो साल से भी अधिक समय से रोक कर रखे गए हैं.
इस बारे में इसराइली सेना का कहना है कि वह सिर्फ़ संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार कर रही है और इससे अराफ़ात के कार्यालय का कुछ भी लेना-देना नहीं है.
नए हमले
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नए हमलों में यहूदी बस्तियों के सामने की चार इमारतें इसराइली सेना ने ध्वस्त कर दीं.
एएफ़पी समाचार एजेंसी ने इसराइली सेना के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि ऐसा रॉकेटों और मोर्टार के हमले रोकने के लिए किया गया है.
इसराइली सैनिक और यहूदी बस्तियाँ ग़ज़ा से हटाने के शेरॉन के प्रस्ताव को लिकुड पार्टी के लगभग 60 फ़ीसदी लोगों ने समर्थन नहीं दिया.
मगर शेरॉन का कहना है कि अब वह नई योजना रखेंगे.