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अमरीका ने फ़लूजा की कार्रवाई टाली

अमरीकी सैनिक कमांडरों ने इराक़ के फ़लूजा शहर में इराक़ी लड़ाकुओं के विरुद्ध होने वाला एक बड़ा अभियान टाल दिया है.

इराक़ी वार्ताकारों और अमरीकी सेना के बीच एक योजना पर सहमति हुई है जिसके अनुसार अमरीकी सेना इस सप्ताह के शुरुआत से ही इराक़ी सैन्य बलों के साथ गश्त लगाना शुरू करेगी.

माना जा रहा है कि राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के साथ चर्चा के बाद ही इस योजना पर सहमति हुई है.

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के राजदूत ने अमरीका से अपील की थी कि वह सावधानी से काम करे जिससे वो वहाँ की जनता से अलग-थलग न पड़ जाए.

राजदूत लखदर ब्राहिमी ने कहा, "ऐसी जगह पर धड़धड़ाते हुए टैंक लेकर घुस जाना समझदारी का काम नहीं है और मेरे ख़्याल से अमरीकी भी ये जानते हैं."

वॉशिंगटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब का कहना है कि सिर्फ़ कुछ ही महीनों पहले अगर संयुक्त राष्ट्र के राजदूत की ये टिप्पणी आई होती तो शायद अमरीका इस ओर ध्यान भी नहीं देता मगर अब इराक़ियों को ही सत्ता सौंपनी है और ये काम सुचारू ढंग से हो इसके लिए अमरीका को संयुक्त राष्ट्र की बेहद ज़रूरत है.

इस बीच अमरीकी सैनिक नजफ़ शहर के इर्द-गिर्द इकट्ठा हो रहे हैं क्योंकि उनके अनुसार इराक़ी शिया नेता मुक़्तदा अल-सद्र के समर्थक हथियारों का जखीरा जमा कर रहे हैं.

फ़लूजा में एहतियात

बीबीसी संवाददाता के अनुसार अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने भी शायद ये समझ लिया है कि हमले से ख़तरा काफ़ी है.
तेल आपूर्ति में बाधा
तेल ठिकाने पर हमले के बाद आपूर्ति बाधित हुई है

वैसे इस बीच ऐसी भी ख़बरें मिल रही हैं कि पेंटागन गश्त की योजना से भी चिंतित है क्योंकि इससे अमरीकी सैनिकों और इराक़ी साथियों की जान ख़तरे में तो रहेगी ही इससे हासिल भी कुछ ख़ास नहीं होगा.

अमरीकी जनरत जॉन आबिज़ाद और इराक़ में अमरीकी प्रशासक जॉन ब्रेमर ने शनिवार को इस शहर के हालात का जायज़ा लिया था.

इस बीच देश के दक्षिण में तेल से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों को उम्मीद है कि सोमवार से बसरा के मुख्य तेल निर्यात टर्मिलन में काम काज शुरू हो जाएगा.

देश पर अमरीकी सेनाओं के हमले के बाद से पहली बार तेल के किसी ठिकाने पर दो दिन पहले हमला हुआ था.

टर्मिनल में हुए नुक़सान से इराक़ को लगभग 10 लाख बैरल के निर्यात की क्षति हुई है.