इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने चेतावनी दी है कि वहाँ सुरक्षा व्यवस्था बहाल रखने के लिए गठबंधन सैनिकों की ज़रूरत है.
ब्रेमर का कहना है कि इराक़ियों को सत्ता सौंपने के बाद भी इराक़ी सुरक्षा बल अपने बलबूते पर देश की सुरक्षा व्यवस्था नहीं संभाल सकते.
स्पेन के नए प्रधानमंत्री होज़े लुईस रोड्रिग्ज़ ज़पातेरो ने घोषणा की है कि जितना जल्द संभव होगा इराक़ से स्पेन के सैनिक वापस बुला लिए जाएँगे.
अमरीका का कहना ये भी कहना है कि स्पेन की इराक़ से अपने सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा से गठबंधन में शामिल अन्य देश भी अपनी स्थिति पर विचार कर सकते हैं.
अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलीज़ा राइस ने कहा,"मेरा मानना है कि वहाँ कुछ बदलाव हो सकते हैं."
अमरीका ने 30 जून तक इराक़ियों को सत्ता सौंपने की घोषणा कर रखी है.
उधर इराक़ के पवित्र शहर नजफ़ में गठबंधन सेना और शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के बीच तनाव बना हुआ है.
ब्रेमर ने इराक़ में अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति का बचाव करते हुए कहा, "पिछले कुछ सप्ताह की घटनाओं से यह स्पष्ट है कि इराक़ की सुरक्षा पर ख़तरा बना हुआ है और उसे इससे निपटने के लिए बाहरी सहायता की ज़रूरत है."
इस महीने के शुरू में एक इराक़ी सैनिक बटालियन ने फ़लूजा में चरमपंथियों से लड़ने से इनकार कर दिया था.
स्पेन की घोषणा
वैसे तो स्पेन के नए प्रधानमंत्री होज़े लुईस रोड्रिग्ज़ ज़पातेरो ने पद की शपथ लेने से पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि वे इराक़ से अपने सैनिकों को वापस बुला लेंगे.
![]() ज़पातेरो का कहना है कि वे अपने देश के लोगों की भावनाओं की अनदेखी नहीं कर सकते |
रविवार को उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद इसकी औपचारिक घोषणा कर दी.
ज़पातेरो ने कहा कि इराक़ में मौजूद क़रीब 1300 सैनिकों को जल्द ही वापस बुला लिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि वे स्पेन के लोगों की भावना की अनदेखी नहीं कर सकते.
स्पेन के विदेश मंत्री ने कहा कि 15 दिनों के अंदर इराक़ से स्पेनी सैनिक वापस आ जाएँगे. लेकिन स्पेन के सैनिक सूत्रों का कहना है कि इसमें एक से दो महीने भी लग सकते हैं.
स्पेन की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि स्पेन अपने फ़ैसले को ज़िम्मेदारी पूर्वक और व्यवस्थित तरीक़े से लागू करेगा.
पहले अमरीका ने स्पेन के फ़ैसले की यह कहते हुए आलोचना की थी कि स्पेन आतंकवाद के आगे झुक रहा है.
बग़दाद स्थिति बीबीसी संवाददाता डोमिनिक ह्यूज का कहना है कि अमरीका पहले से ही इराक़ में और विदेशी सैनिकों की बात करता रहा है और स्पेन की घोषणा का असर तो वहाँ ज़रूर महसूस किया जाएगा.