ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि वे इराक़ पर एक नए संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के पक्ष में हैं ताकि 30 जून को इराक़ियों को सत्ता सौंपी जा सके.
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान के साथ बातचीत के बाद उन्होंने ये विचार व्यक्त किए.
उनका कहना था कि इराक़ मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में कुछ मतभेदों के बावजूद वहाँ अब आगे क्या किया जाए, इस बारे में आम राय बन रही है.
उधर ईरान की सरकार ने इराक़ की राजधानी बग़दाद में एक ईरानी राजनयिक की हत्या के बाद अमरीका की कड़ी आलोचना की है.
गुरुवार को ईरानी राजनयिक ख़लील नईमी की गोली मार कर हत्या कर दी गई.
दूसरी ओर अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने इराक़ में तैनात लगभग 20 हज़ार सैनिकों के वहाँ रहने की अवधि तीन महीने बढ़ा दी है.
![]() प्रधानमंत्री ब्लेयर ने कहा कि इसराइल की योजना को अमरीकी समर्थन मिलने से वे निराश नहीं |
इन सैनिकों को इराक़ से वापस अमरीका आना था.
इराक़ में लगभग एक लाख तीस हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं.
'निराशा नहीं'
प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि अमरीका के इसराइली मध्यपूर्व योजना को समर्थन देने से उन्हें कोई निराशा नहीं हुई है.
उन्होंने कहा कि वे नहीं मानते कि इससे मध्यपूर्व शांति प्रक्रिया के लिए बनाए रोडमैप को दरकनार कर दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री ब्लेयर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से भी बातचीत करेंगे.