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ईरान ने अमरीका की कड़ी आलोचना की

ईरान की सरकार ने इराक़ की राजधानी बग़दाद में एक ईरानी राजनयिक की हत्या के बाद अमरीका की कड़ी आलोचना की है.

गुरुवार को ईरानी राजनयिक ख़लील नईमी की गोली मार कर हत्या कर दी गई.

उधर अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने इराक़ में तैनात लगभग 20 हज़ार सैनिकों की वहाँ रहने की अवधि तीन महीने बढ़ा दी है.

इन सैनिकों को इराक़ से वापस अमरीका आना था.

इराक़ में लगभग एक लाख तीस हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं.

अमरीकी नीतियाँ

ईरान ने कहा है कि ईरानी राजनयिक की हत्या की घटना इराक़ में अमरीका की 'ग़लत' नीतियों के कारण फैली असुरक्षा और अराजकता का नतीजा है.

ईरान ने अमरीका पर आरोप लगाया है कि उसने सलाह और चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया और अपनी 'तबाही' फैलाने वाली नीतियों से इराक़ में स्थिति को और पेचीदा बना दिया है.

यह हत्या ऐसे मौक़े पर हुई है जब ईरानी शिष्टमंडल इराक़ में जारी संकट को सुलझाने की कोशिशों के तहत वहाँ मौजूद है.

उधर रम्सफ़ैल्ड ने 20 हज़ार अमरीकी सैनिकों की इराक़ में रहने की अवधि बढ़ाए जाने पर अफ़सोस तो ज़ाहिर किया है लेकिन कहा है कि 'अमरीकी युद्ध में जुटा हुआ है और सफल होने के लिए जो ज़रूरी होगा वह करना पड़ेगा.'

उन्होंने कहा है, "आतंकवादियों के एक छोटे से गुट को ढाई करोड़ इराक़ी लोगों के भाग्य का निर्णय नहीं करने दिया जा सकता."

रिहाई

इराक़ में पिछले सप्ताह बंधक बनाए गए तीन जापानी नागरिकों को रिहा कर दिया गया है.

जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सुन्नी धार्मिक नेताओं के प्रयास के बाद इन तीनों को रिहा करवाया जा सका.

मगर बुधवार को इटली के एक बंधक की हत्या कर दी गई.

जापानी बंधक रिहा कर दिए गए हैं

रूस ने वहाँ से अपने नागरिकों को हटाने के लिए तीन विमान भेजे हैं.

फ़िलीपींस भी अपने एक हज़ार नागरिकों को इराक़ से बाहर निकालने पर विचार कर रहा है.

उधर इराक़ के कई हिस्सों में हिंसा जारी है.

मूसल और समारा में दो अलग-अलग घटनाओं में दो अमरीकी सैनिक मारे गए हैं.

धक्का

राजधानी बग़दाद में ईरानी राजनयिक की हत्या से ईरानी मध्यस्थता पर असर पड़ सकता है.

इराक़ का एक शिष्टमंडल विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी हुसैन सदेग़ी की अगुआई में वहाँ मौजूद है.

ईरानी शिष्टमंडल ने बग़दाद में शासकीय परिषद के सदस्यों से बात की. ऐसी ख़बरें हैं कि ईरान शिया मौलवी मुक्तदा अल सद्र और अमरीकी सैनिकों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है.

मुक्तदा अल सद्र इस समय नजफ़ में हैं और अमरीकी सैनिकों का कहना है कि वे या तो उन्हें पकड़ लेंगे या जान से मार देंगे.