अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि इराक़ में बढ़ रही हिंसा से निबटने के लिए अनुभवी अमरीकी सैनिक पहले से तय कार्यक्रम से अधिक समय तक वहाँ रहेंगे.
अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा है कि हाल के दिनों में हमलों में आई तेज़ी के बावजूद अमरीकी सेना का नियंत्रण बना हुआ है.
उन्होंने कहा कि "ताज़ा हमले गुंडों और आतंकवादियों की कारस्तानी" हैं.
हिंसा की ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक़ अमरीकी सैनिकों पर बग़दाद के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में शिया और सुन्नी हथियारबंद गुटों ने हमले किए हैं.
सुन्नी बहुल शहर फलूजा में भी अमरीकी कार्रवाई अब भी जारी है, इसकी शुरूआत बुधवार को हुई जब अमरीकी सेना ने एक मस्जिद परिसर पर बम हमले किए.
इराक़ी प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस अमरीकी हमले में 40 लोग मारे गए लेकिन अमरीकी सेना का कहना है कि कोई भी नागरिक नहीं मारा गया है.
बुधवार को पाँच अमरीकी सैनिकों के घायल होने की ख़बर आई थी लेकिन किसी अमरीकी सैनिक की मौत की पुष्टि नहीं हुई है.
बढ़ती हिंसा
पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसा में लगभग 100 इराक़ी लोगों और अमरीकी नेतृत्व वाले गठजोड़ के 30 सैनिकों के मारे की ख़बर है.
![]() इराक़ में हथियारबंद लोगों में शिया भी हैं और सुन्नी भी |
जहाँ एक तरफ़ फलूजा में सुन्नी हथियारबंद गुटों के साथ लड़ाई चल रही है, वहीं मुक़्तदा अल सद्र के वफ़ादार शिया लड़ाकों ने अभी अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है.
इराक़ के शीर्षस्थ शिया नेता आयतुल्लाह अली अल सिस्तानी ने शिया नाराज़गी से निबटने के अमरीकी तरीक़े की कड़ी आलोचना की है.
अमरीकी रक्षा मंत्री ने स्वीकार किया है कि अमरीका एक गंभीर समस्या का सामना कर रहा है लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस समस्या से निबटा जा रहा है.
रम्सफ़ेल्ड का कहना है कि "मुट्ठी भर लोग इस तरह के हमले कर रहे हैं, कोई संगठित सेना या बड़े गुट इसके पीछे नहीं हैं."