ब्रिटेन और अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने ब्रिटेन में 'रासायनिक बम' हमले की एक कथित साज़िश को नाकाम करने का दावा किया है.
प्राप्त सूचना के अनुसार साज़िश रचनेवालों ने ओसमियम टेट्रॉक्साइड को विस्फोटकों के साथ इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी.
विशेषज्ञों के अनुसार किसी बंद जगह पर ऐसा विस्फोट किया जाए तो पैदा होने वाली विषैली गैस जानलेवा साबित हो सकती है.
ओसमियम टेट्रॉक्साइड यों तो अनुसंधान कार्यों के लिए वैध रूप से बाज़ार में उपलब्ध रसायन है लेकिन इसका विनाशकारी प्रयोग किया जाता सकता है क्योंकि यह आँखों, फेफड़े और त्वचा के लिए नुक़सानदेह है.
हालाँकि विशेषज्ञों के अनुसार ओसमियम टेट्रॉक्साइड किसी रासायनिक हथियार या फिर परमाणु कचरों से तैयार डर्टी बम जैसा ख़तरनाक नहीं हो सकता.
समझा जाता है इस साज़िश में अल-क़ायदा के समर्थक शामिल हैं और निशाने पर संभवत: लंदन को रखा गया था.
इसका पर्दाफ़ाश तब हुआ जब ब्रितानी और अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों को साज़िश में शामिल लोगों की बातचीत सुनने में सफलता मिली.
हालाँकि समझा जाता है कि अभी विषैले रसायन की कोई खेप बरामद नहीं की जा सकी है.