व्लादीमिर पुतिन दूसरी बार रूस के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं. रविवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव के अब तक आधे से ज़्यादा परिणाम आ चुके हैं.
राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन को 70 प्रतिशत से ज़्यादा मत मिले हैं. राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में थे.
चुनाव में पुतिन के सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी कम्युनिस्ट पार्टी के निकोले खारितोनोव ने अपनी हार स्वीकार कर ली है.
हालाँकि अमरीका ने चुनाव प्रक्रिया पर कुछ सवाल उठाए हैं. लेकिन पुतिन के चुनावी अभियान के प्रमुख ने अमरीकी आलोचना को ख़ारिज किया.
उन्होंने कहा कि रूस को उस देश से सीख लेने की आवश्यकता नहीं जहाँ की चुनावी प्रक्रिया में धाँधली होती है.
वादा
मास्को से बीबीसी संवाददाता स्टीव रोजेनबर्ग का कहना है कि पुतिन को दो तिहाई से ज़्यादा वोट मिलेंगे.
जीत के बाद पुतिन ने मास्को में एक प्रेस काँफ़्रेंस में कहा कि वे देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेंगे और प्रेस की स्वतंत्रता को मज़बूत करेंगे.
राष्ट्रपति पुतिन ने अपने अगले चार साल के कार्यकाल की प्राथमिकताएँ गिनाईं जिनमें देश को आधुनिक बनाने, आर्थिक विकास और कर सुधार शामिल हैं.
अमरीकी आलोचना का करारा जवाब देते हुए पुतिन ने कहा कि कुछ लोगों को अपनी कमियों की बजाए दूसरों की कमियाँ गिनाने की आदत होती है.
उन्होंने तीन साल पहले अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र किया जिसमें काफ़ी समस्याएँ आई थी.