स्पेन में गुरूवार को हुए बम धमाकों की ज़िम्मेदारी तो किसी ने स्वीकार नहीं की है मगर स्पेन सरकार इसके पीछे अलगाववादी संगठन ईटीए का हाथ बता रहे हैं.
मगर स्पेन की एक प्रतिबंधित अलगाववादी पार्टी बतासुना ने विस्फोटों के पीछे हाथ होने से इनकार किया है.
बतासुना को ईटीए का क़रीबी बताया जाता है और उसके एक नेता ने ये मानने से इनकार कर दिया है कि विस्फोटों के लिए ईटीए ज़िम्मेदार है.
ईटीए
ईटीए उत्तरी स्पेन में बास्क़ नाम से एक अलग राज्य बनाना चाहता है जिसके लिए उसने सशस्त्र संघर्ष छेड़ा हुआ है.
संगठन ने अपना अभियान 1960 के शुरूआती वर्षों में ही शुरू किया था.
तब से अब तक ईटीए के बम हमलों और दूसरे तरह के हमलों में कम-से-कम 800 लोग मारे जा चुके हैं.
मगर अभी तक ईटीए के हमले छोटे पैमाने के हुआ करते थे.
ईटीए ने अब तक का सबसे बड़ा हमला 1987 में किया था जब बार्सिलोना में एक सुपरबाज़ार में विस्फोट में 21 लोग मारे गए थे.
स्पेन सरकार ने ईटीए के विरूद्ध पिछले कुछ वर्षों से अभियान भी चलाया और संगठन के कई नेताओं को गिरफ़्तार किया तथा बम बनाने के सामान ज़ब्त किए.
अन्य संभावनाएँ
वैसे मैड्रिड विस्फोटों के पीछे ईटीए का हाथ नहीं होने की सूरत में शक की सुई अन्य दिशाओं में जाती है.
स्पेन ने इराक़ युद्ध के समय अमरीका और ब्रिटेन का समर्थन किया था जो कुछ मुस्लिम संगठनों की आँख में खटक रहा था.
स्पेन की पुलिस ने कुछ ऐसे संगठनों को पकड़ा है जिनके अल क़ायदा से संबंध होने का शक है.
कुल मिलाकर स्पेन में विस्फोटों की ताज़ा घटनाओं से ये पता चलता है कि आतंकवाद के मामले कितने जटिल हो सकते हैं.