ब्रितानी पुलिस उन चार लोगों से पूछताछ कर रही है जो मंगलवार को अमरीकी सैनिक अड्डे गुआंतानामो बे से लंदन वापस लौटे.
दो साल तक क्यूबा स्थित अमरीकी सैनिक अड्डे में बंदी रहने के बाद लंदन पहुँचते ही उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.
एक पाँचवें नागरिक जमालुद्दिन अल हरीथ को मंगलवार को लंदन पहुँचते ही रिहा कर दिया गया था.
ब्रिटेन के गृहमंत्री डेविड ब्लंकेट ने पाँचों ब्रितानी नागरिकों के लंदन पहुँचने पर कहा था कि रिहा किए जाने वाले ब्रितानियों से ब्रिटेन की आतंकवाद निरोधक पुलिस अलग से पूछताछ करेगी.
लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि वे चार अन्य कैदियों की रिहाई के लिए अमरीका पर दबाव नहीं डालेंगे.
अमरीका ने कहा है कि उनसे अब ख़तरा नहीं है.
बंदी
इन सभी पाँच लोगों को अफ़ग़ानिस्तान में 'युद्ध क्षेत्र' से पकड़ा गया था.
इससे पहले क़ैद किए गए लोगों के परिवारों ने अमरीकी राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने अपने परिवारों के सदस्यों को क़ैद करने का विरोध किया था.
डेविड ब्लंकेट ने कहा कि अमरीकियों को ब्रिटेन की उस प्रक्रिया की जानकारी दे दी गई है जिसमें अपील करने के और अन्य क़ानूनी प्रावधान हैं.
ग्वांतनामो बे में कई देशों के लगभग 600 लोग कैद हैं और अब तक उन पर कोई मुक़दमा नहीं चलाया जा रहा है.
हाल के महीनों में कोई सौ लोगों को ग्वांतानामो बे से रिहा किया गया है.