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इराक़ में हमलों पर अल क़ायदा का खंडन

अल क़ायदा ने मंगलवार को इराक़ में हुए भयंकर बम विस्फोटों में अपना हाथ होने से इनकार किया है.

अल क़ायदा के बताए जाने वाले एक पत्र में ये कहा गया है. पत्र में ये भी कहा गया है कि ये हमले इराक़ में जातीय हिंसा भड़काने की अमरीकी साज़िश का ही हिस्सा थे.

ग़ौरतलब है कि इराक़ में मंगलवार को मुहर्रम के यौमे आशूरा के मौक़े पर बग़दाद और करबला में हुए विस्फोटों में 180 से भी ज़्यादा लोग मारे गए थे.

इन हमलों के बाद इराक़ में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है.

इराक़ में विस्फोट की तस्वीरें

अल क़ायदा ने ये खंडन लंदन के एक अख़बार को एक पत्र भेजकर किया है. उस पत्र को बीबीसी ने भी देखा है.

इराक़ और अमरीका के अधिकारी इन हमलों के पीछे एक ऐसे व्यक्ति का हाथ बता रहे हैं जिसपर अल क़ायदा से संबंध होने का आरोप है.

अपील

हमले के बाद इराक़ में एकता बनाए रखने की अपील की गई है मगर कुछ इराक़ी शिया नेताओं ने अमरीका के नेतृत्व वाली सेना पर आरोप लगाया है कि वह हमलों को रोकने में नाकाम रही.

अमरीका ने कहा है कि वह इराक़ में तब तक रहेगा जब तक कि वहाँ हालात बेहतर नहीं हो जाते.

मगर उन्होंने ये भी कहा है कि तय योजना के अनुसार इस वर्ष जून महीने तक इराक़ियों को सत्ता सौंप दी जाएगी.

इराक़ में पिछले वर्ष सद्दाम हुसैन की सत्ता के पतन के बाद ये अब तक के सबसे बड़े हमले थे.

मंगलवार को हुए हमलों के सिलसिले में कम-से-कम 15 लोगों को पकड़ा गया है.

अधिकारियों का कहना है कि करबला में कम-से-कम 112 और बग़दाद में लगभग 70 लोग मारे गए.

आशंका

अमरीकी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मार्क किम्मिट्ट ने कहा है कि जोर्डन निवासी अबू मुसाब अल ज़रक़ावी इस 'सुनियोजित' हमले की योजना बनाने में 'एक प्रमुख संदिग्ध व्यक्ति' हो सकते हैं.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि पिछले महीने ज़रकावी का एक पत्र बरामद किया गया था जिसमें शिया मुसलमानों पर हमला करने का आह्वान किया गया था.

इराक़ की अंतरिम सरकार में शामिल शिया नेता मोवफ़्फ़क़ अल रूबाइ ने तो सीधे-सीधे इन हमलों के लिए ज़रक़ावी को ज़िम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने साथ ही कहा, "ज़रक़ावी इराक़ में गृह युद्ध फैलाने और जातीय दरार पैदा करने की जो कोशिश कर रहे हैं वो कामयाब नहीं होगी."