ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़ामनेई ने संसदीय चुनाव के नतीजों का स्वागत किया है.
ख़ामनेई ने कहा कि नतीजे ईरान के दुश्मनों के लिए बड़ा झटका है.
विवादों के बीच शुक्रवार को हुए संसदीय चुनाव के दो-तिहाई से ज़्यादा मतों की गिनती हो चुकी है और कट्टरपंथी पार्टियाँ भारी जीत की ओर बढ़ रही हैं.
गृह मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार अभी तक घोषित 194 सीटों के नतीजों में कट्टरपंथियों ने 133 सीटें हासिल हुई हैं.
ईरान की संसद मजलिस में कुल 290 सीटें हैं.
मतदान से पहले ही क़रीब दो हज़ार सुधारवादी उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
इस कारण कई सुधारवादी पार्टियों और देश के कई तबकों ने मतदान के बहिष्कार की अपील की थी.
ईरान के चुनाव की हो रही आलोचना का जवाब देने अयातुल्ला ख़ामनेई ईरानी टेलीविज़न पर आए.
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को हुए मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष थे.
ख़ामनेई ने कहा, "जो चुनाव हारे हैं वे अमरीकी, यहूदी और ईरान के दुश्मन थे."
उन्होंने कहा कि अमरीकी प्रशासन इन चुनावों के बारे में अनापशनाप बातें कर रहा है वह बिल्कुल बेतुका है.
अमरीका ने ईरान में हुए मतदान की कड़े शब्दों में निंदा की थी.