पाँच दिनो तक लापता रहने वाले रूस में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार इवान रिबकिन ने आरोप लगाया है कि उनका अपहरण किया गया था और ज़्यादा समय तक उन्हें नशीली दवा देकर बेहोश रखा गया था.
पहले रिबकिन ने कहा था कि वे यूक्रेन गए थे.
लंदन पहुँचने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति चुनाव होने के बाद ही मास्को लौटेंगे.
रूस में राष्ट्रपति पद के चुनाव 14 मार्च को होने हैं.
रिबकिन ने कहा कि उन्हें जब होश आया तो उन्हें ऐसा वीडियो दिखाया गया जिसमें उनके ख़िलाफ़ काफ़ी कुछ था.
उन्होंने कहा कि उनके साथ धोखा करके कुछ आपत्तिजनक दृश्य फ़िल्मा लिए गए.
पाँच दिनों तक लापता रहने के बाद रूसी संसद के पूर्व स्पीकर रिबकिन यूक्रेन की राजधानी कीव में प्रगट हुए थे और कहा था कि उन्हें भी दो-तीन दिनों तक अपनी निजी ज़िंदगी जीने का अधिकार है.
लेकिन बाद में उन्होंने ख़ुफ़िया एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाना शुरू कर दिया.
शुक्रवार को लंदन में उन्होंने कहा कि वे यह सोच कर यूक्रेन गए थे कि वे चेचेन नेता असलान मसखादोव से शांति वार्ता पर चर्चा करेंगे.
घटनाक्रम
रिबकिन ने बताया कि कीव में एक अपार्टमेंट में पहुँचने पर उन्हें खाने के लिए कुछ दिया गया जिसके बाद उन्हें नींद आने लगी.
उन्होंने कहा कि वे चार दिनों तक बेहोश रहे.
रिबकिन ने दावा किया कि होश आने पर उनके एक गार्ड ने बताया कि यह एक 'ख़ास अभियान' का हिस्सा था.
रिबकिन ने बताया, "इसके बाद उन्होंने मुझे एक वीडियो टेप दिखाया जिसमें मैं भी था. उन्होंने मुझे बताया कि यह एक योजना का हिस्सा था जिससे वे मुझे समझौते के लिए विवश कर सकें."
उन्होंने कहा कि उनके साथ कीव में जो कुछ हुआ उससे उन्हें यह पता चल गया है कि यह चुनाव सिर्फ़ खेल है जिसमें क़ायदे-क़ानून मायने नहीं रखते.
रिबकिन ने कहा कि इसी कारण वे अपना चुनाव अभियान विदेश से करेंगे.