चोट भी लगी तो नोट से!
ताइवान में कुछ ऐसा ही हुआ मोटरसाइकिल चलाते जा रहे लु फांग नान के साथ.
नान साहब के सिर पर 6,00,000 डॉलर के नोटों की गड्डियों की एक गठरी आ गिरी जिसने उन्हें अस्पताल का रास्ता दिखा दिया.
छह लाख डॉलरों की ये गठरी उनपर गिरी एक हाईवे पुल के पास.
दरअसल नोटों की ये गठरी दी जानी थी कुछ अपहर्ताओं को फिरौती के रूप में, जिन्होंने एक व्यापारी का अपहरण कर रखा था.
भारी भरकम यह गठरी अपहृत व्यक्ति के एक रिश्तेदार के पास थी जो इसे अपहर्ताओं को सौंपने जा रहा था.
अपहर्ता इस रिश्तेदार को पैसे सौंपने के निर्देश देते जा रहे थे कि यह गठरी किस जगह पहुँचानी है.
अपहर्ताओं के कहने पर इस रिश्तेदार ने गठरी नीचे गिराई जो सीधे लु फांग नान के सिर पर जा लगी.
वह उस समय तेज़ रफ़्तार से अपनी मोटरसाइकिल चला रहे थे.
फांग साहब पहले गिरे, फिर उठे और तब पता चला कि उनकी टाँग में चोट लग चुकी है.
उनके पास अस्पताल जाने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा.
इसे क़िस्मत का मज़ाक ही कहा जाएगा कि उन्हें उस गठरी में से एक नोट भी नहीं मिला. बल्कि उन्हें तो बिल्कुल पता ही नहीं चला कि उनके सिर पर आख़िर गिरा क्या.
हाँ अपहरणकर्ता फिरौती की रक़म लेकर ज़रूर चंपत हो गए.
लु फांग नान को तब पता चला जब उन्हें इस घटना के बारे में टेलीविज़न पर समाचार देखा.
समाचार में उस व्यापारी की रिहाई और फिरौती देने की जगह का नज़ारा देखकर उन्हें पता चला कि उन्हें चोट और किसी चीज़ से नहीं बल्कि नोटों की गठरी से चोट लगी.
फांग ने बाद में एक अख़बार वाले के सामने अपना हाले-दिल बयान बताते हुए कहा, "इस तरह से फिरौती देना बहुत ख़तरनाक है. इसमें किसी की जान भी जा सकती है."
वैसे इन सारी ख़बरों के बीच पुलिस अपराधियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है.