अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने इराक़ पर हमले के अपने फ़ैसले को सही बताते हुए कहा है कि सद्दाम हुसैन एक बड़ा ख़तरा बनते जा रहे थे.
एनबीसी टेलीविज़न चैनल को दिए घंटे भर के इंटरव्यू में बुश ने स्वीकार किया कि अब तक इराक़ में महाविनाश के हथियारों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन उन्होंने कहा कि हो सकता है उन हथियारों को नष्ट कर दिया गया हो, छुपा दिया गया हो या फिर देश से बाहर पहुँचा दिया गया हो.
अमरीकी राष्ट्रपति ने दलील दी कि महाविनाश के हथियार नहीं मिलने के बावजूद उनका मानना है कि सद्दाम हुसैन के पास ऐसे हथियार बनाने की क्षमता थी और उन हथियारों के आतंकवादियों के हाथों में जाने का ख़तरा था.
रक्षात्मक रुख़
बुश ने इस बात से साफ इनकार किया कि उनके प्रशासन ने इराक़ के ख़तरे को बढ़ाचढ़ा कर दिखाया.
उन्होंने कहा कि यदि समय पर क़दम नहीं उठाया गया होता तो सद्दाम हुसैन के हौसले बढ़ जाते.
उल्लेखनीय है कि बुश आमतौर पर इस तरह टेलीविज़न पर इंटरव्यू नहीं देते थे.
बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार इराक़ पर हमले के उनके फ़ैसले पर उठ रहे सवालों के मद्देनज़र वह रक्षात्मक रुख़ अपनाने को विवश हो गए हैं.
यह पूछे जाने पर कि ख़ुफ़िया सूचनाओं के सही नहीं निकलने के बाद क्या सीआईए प्रमुख जॉर्ज टेनेट की नौकरी ख़तरे में है, बुश ने कहा, "नहीं, बिल्कुल ही नहीं."