अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा है कि वह पाकिस्तानी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के साथ बातचीत में परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान को माफ़ी का मुद्दा भी उठाएँगे.
उन्होंने कहा कि क़दीर ख़ान की स्वीकारोक्ति के साथ ही परमाणु तकनीक के प्रसार से जुड़े दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया है.
पॉवेल ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में पाकिस्तानी राष्ट्रपति से बात कर यह सुनिश्चित करेंगे कि परमाणु तकनीक बेचने वाले नेटवर्क का पूरी तरह सफाया हुआ या नहीं.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से परमाणु तकनीक के प्रसार पर रोक लगाने में मदद की अपील की है.
अन्नान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद अलबरदेई की इस टिप्पणी से सहमति जताई कि क़दीर ख़ान का मामला एक बड़ी समस्या का एक पहलू मात्र है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने विभिन्न देशों से परमाणु तकनीक से जुड़े काले बाज़ार के बारे में सूचनाओं को परस्पर बाँटने की अपील की.
उल्लेखनीय है कि अब्दुल क़दीर ख़ान ने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक देने की बात स्वीकार की है.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने क़दीर को राष्ट्रीय नायक बताते हुए माफ़ी देने की घोषणा की है.