http://www.bbcchindi.com

इसराइल के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की माँग

ब्रितानी संसद की अंतरराष्ट्रीय विकास समिति ने इसराइल पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने की माँग की है.

संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ कॉमन्स की इस समिति का कहना है कि इसराइल ने फ़लस्तीनी क्षेत्रों ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट में फ़लस्तीनी लोगों पर तरह-तरह की पाबंदियाँ लगा रखी हैं जिससे उनका जीना दूभर हो गया है.

समिति के सदस्य सांसदों का कहना है कि वे इसराइल की सुरक्षा चिंताओं को समझते हैं और आत्मघाती हमलों को भी निंदा करते हैं.

लेकिन पश्चिमी तट में सुरक्षा बाड़ लगाने जैसे क़दमों से फ़लस्तीनी राष्ट्र की स्थापना में रुकावट आ सकती है.

इस समिति के सदस्यों ने इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्रों में छह महीने रहकर लोगों के हालात का जायज़ा लिया.

समिति का कहना है कि इन क्षेत्रों में लोगों का आना-जाना और सामान लाना-ले जाना दूभर हो गया है क्योंकि हर समय या तो कर्फ्यू लगा रहता है या अन्य पाबंदियाँ लगी होती हैं.

समिति का कहना है कि इससे क्षेत्र में आर्थिक बदहाली की आशंका पैदा हो गई है.

सांसदों का कहना है कि पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी के कुछ इलाक़ों में तो कुपोषण की हालत बहुत गंभीर हो गई है और साठ से सत्तर प्रतिशत तक लोग बेरोज़गार हो गए हैं.

समिति का कहना है, "इसराइल की सुरक्षा चिंता ग़ौर करते वक़्त भी ऐसा नज़र आता है कि इसराइल जानबूझकर आम फ़लस्तीनी लोगों पर दबाव बनाकर उन्हें झुकाने की रणनीति के तहत काम कर रहा है."

समिति के चेयरमैन कंज़रवेटिव पार्टी के सांसद टोनी बाल्ड्री ने कहा कि इसराइली नीति से फ़लस्तीनियों में हताशा बढ़ रही है और ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं जब आत्मघाती हमलावरों को बहुत आसानी से भर्ती किया जा सकता है.

समिति ने सिफ़ारिश की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसराइल की नीतियों पर पार पाने के लिए आर्थिक प्रतिबंधों की रणनीति से नहीं झिझकना चाहिए.