संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में जो नई जानकारियाँ मिली हैं वह तो बस एक शुरूआत है.
संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग ने कहा है कि इस प्रकरण से परमाणु तकनीक की अंतरराष्ट्रीय कालाबाज़ारी के बारे में बस एक छोटे-से हिस्से भर का पता चला है.
आयोग के प्रमुख मोहम्मद अल बारदेई के अनुसार पाकिस्तान के वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान का ज़िम्मेदारी स्वीकार करना, परमाणु तकनीक के ग़ैर क़ानूनी लेन-देन के बाज़ार की जानकारी मिलने की शुरूआत भर है.
उन्होंने कहा कि उनका संगठन ये देखेगा कि परमाणु तकनीक के ग़ैर-क़ानूनी लेन-देन के ऐसे गोपनीय समझौते दोबारा ना हो सकें.
उधर अमरीकी खुफ़िया एजेंसी सीआईए के निदेशक जॉर्ज टेनेट ने कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में जानकारी अमरीका और ब्रिटेन के जासूसों के कई वर्षों तक चलाए गए अभियानों के कारण उजागर हो सकी है.
जॉर्ज टेनेट ने कहा कि डॉक्टर ख़ान को चार महादेशों में परमाणु तकनीक से फ़ायदा उठाने का दोषी पाया गया.
साथ ही उन्होंने कहा कि इस जानकारी के सामने आने से कई देशों को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को कई बरसों तक टालना पड़ेगा.