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बुश ने भी सच जानने की इच्छा जताई

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि वह इराक़ मे महाविनाश के हथियारों के बारे में ठोस जानकारी चाहते हैं.

उन्होंने कहा है कि इराक़ में महाविनाश के हथियार अभी तक क्यों नहीं मिल हैं, वे इस बारे में साफ़ तथ्य चाहते हैं.

उन्होंने कहा है कि जब इस तरह की ख़ुफ़िया सूचनाएं मिली थीं कि सद्दाम हुसैन के पास महाविनाश के हथियार थे तो वे अभी तक मिले क्यों नहीं हैं.

लेकिन बुश ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया कि क्या वे ख़ुफ़िया सूचनाओं की नाकामी के आरोपों की जाँच कराएंगे या नहीं.

कुछ सीनेटर माँग कर रहे हैं कि इराक़ में महाविनाश के हथियारों संबंधी ख़ुफ़िया सूचनाओं का प्रामाणिकता की जाँच होनी चाहिए.

राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी के एक वरिष्ठ सीनेटर जॉन मैक्केन ने भी अब यह माँग शुरू कर दी है कि ख़ुफ़िया सूचनाओं की जाँच कराई जाए.

गुरूवार को राष्ट्रपति की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलीज़ा राइस ने कहा था कि महाविनाश के हथियारों संबंधी सूचनाएं ग़लत हो सकती हैं लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इराक़ पर हमले को सही ठहराया कि इराक़ से ख़तरा बढ़ने लगा था.

अमरीका के पूर्व हथियार विशेषज्ञ डेविड के ने भी कहा है कि इराक़ में प्रतिबंधित हथियारों के नामोनिशान नहीं मिले हैं और वे भी व्यापक जाँच की माँग कर हैं.

बीबीसी के वाशिंगटन संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति बुश अब आहिस्ता-आहिस्ता इस तरफ़ बढ़ते नज़र आ रहे हैं जहाँ यह स्वीकार किया जा सके कि इराक़ में महाविनाश के हथियार होने के दावों को ग़लत साबित किया जा सके.

संभावना

ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को व्हाइट हाउस की ओर से पहली बार कहा गया कि इराक़ के बारे में उसकी ख़ुफ़िया जानकारी के ग़लत होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

इससे पहले तक अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश कहते रहे हैं कि महाविनाश की क्षमता वाले हथियार जल्दी ही मिल जाएँगे.

मगर उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलीज़ा राइस ने कई साक्षात्कार दिए हैं जिनमें वह युद्ध से पहले मिली ख़ुफ़िया जानकारी में गड़बड़ी की संभावना स्वीकार कर रही हैं.

जबकि इराक़ पर हमले के लिए अमरीका ने प्रमुख वजह यही बताई थी कि वहाँ महाविनाश की क्षमता वाले हथियार मौजूद हैं.

अमरीका अभी तक यही कहता रहा है कि इराक़ में महाविनाश के हथियारों को ढूँढ निकाला जाएगा.

सरकार ने इराक़ सर्वे ग्रुप भी गठित किया था जिसने वहाँ महीनों की जाँच-पड़ताल के बाद ग्रुप के अध्यक्ष डेविड के ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

डेविड के ने कहा है कि इराक़ में महाविनाश के हथियारों के कोई सबूत नहीं हैं.