चीन ने इस बात की पुष्टि की है कि उसके गुआँज़ी प्रांत में बर्ड फ़्लू के कुछ मामले देखने में आए हैं.
चीन सरकार इस संभावना को ध्यान में रखते हुए जाँच और एहतितात बरत रही थी.
उधर भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस बारे में एहतियात बरतने को कहा है.
पंजाब में अमृतसर, फ़ीरोज़पुर और गुरदासपुर की पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर विशेष चौकसी बरती जा रही है.
भारत ने छह महीने के लिए उन देशों से मुर्ग़ियों के आयात पर पाबंदी लगा दी है जहाँ इस बीमारी का ज़ोर है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन ने इस बीमारी को मानव स्वास्थ्य और कृषि उत्पादनों के लिए विनाशकारी बताया है.
इन एजेंसियों ने इस बारे में भारी एहतियात की ज़रूरत बताई है.
थाइलैंड से ख़बर है कि वहाँ बर्ड फ़्लू से एक छह साल के बच्चे की मौत हो गई है जबकि इस बीमारी से लाओस में भी मुर्गियों के मरने की ख़बरें हैं.
थाइलैंड में इस बीमारी से होने वाली यह दूसरी मौत है.
इससे पहले भी बर्ड फ़्लू से एक छह साल के बच्चे की मौत हो गई थी.
इस बीच पड़ोस देश लाओस में बर्ड फ़्लू की चपेट में आकर मुर्गियों के मरने की ख़बरें मिली हैं.
वैज्ञानिकों को डर है कि यदि बर्ड फ़्लू कहीं मनुष्य के शरीर में मौजूद वायरस से मिल जाएगा तो सार्स जैसी महामारी का रुप ले सकती है.
अब तक बर्ड फ़्लू से कुल आठ मौतें हो चुकी हैं. इनमें से दो थाईलैंड में हुई हैं और छह वियतनाम में.
यह बीमारी अब तक नौ एशियाई देशों को अपनी चपेट में ले चुकी है और इसके चलते अब तक लाखों मुर्गियों को मारा जा चुका है.
सम्मेलन की तैयारी
इस बीच थाइलैंड एक सम्मेलन की तैयारी कर रहा है जिसमें एशिया में बर्ड फ़्लू से निपटने के उपायों पर विचार किया जा सके.
थाई विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस सम्मेलन में एक दर्जन सरकारों के हिस्सा लेने की संभावना है जिसमें चीन, यूरोपीय संघ और अमरीका शामिल है.
यूरोपीय संघ ने पिछले दिनों यह कहकर थाइलैंड की निंदा की थी कि वह बीमारी की ख़बरों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरत रहा है.
उधर पाकिस्तान में बर्ड फ़्लू फ़ैलने के बाद दक्षिण एशियाई देशों में भी चिंता का माहौल है.