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ख़ातमी निष्पक्ष चुनाव के पक्ष में

ईरान के राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी ने कहा है कि वे सत्ता में रहते हुए पूरी कोशिश करेंगे कि अगले महीने होने वाले संसदीय चुनावों के स्वतंत्र और निष्पक्ष हों.

ध्यान रहे कि ईरान की शूरा-ए-निगहबान ने क़रीब तीन हज़ार उम्मीदवारों को संसद का चुनाव लड़ने से अयोग्य क़रार दे दिया था.

शूरा-ए-निगहबान एक ऐसी परिषद है जिसमें परंपरावादियों का बहुमत है और जिन उम्मीदवारों को अयोग्य क़रार दिया गया है वे सुधारवादी है.

अब शूरा-ए-निगहबान इन उम्मीदवारों की योग्यताओं पर फिर से विचार कर रही है.

इस परिषद ने देश के आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला अली ख़मेनेई के निर्देश मिलने के बाद अभी तक दो सौ उम्मीदवारों पर से चुनाव लड़ने की पाबंदी हटा ली है.

राष्ट्रपति ख़ातमी ने कहा है कि परिषद बाक़ी उम्मीदवारों की योग्यता पर भी फिर से ग़ौर करेगी.

परिषद को इस बारे में अपना काम इसी महीने तक पूरा करना होगा.

परिषद के इस फ़ैसला का ईरान में काफ़ी विरोध हुआ और सुधारवादियों ने चुनावों का बहिष्कार तक करने की धमकी दे डाली थी.