स्वीडन की एक कला प्रदर्शनी में हमास की आत्मघाती हमलावर पर बनी कलाकृति देखकर इसराइली राजदूत इतने नाराज़ हुए कि तोड़फोड़ पर उतर आए.
राजदूत ज़वी माज़ेल को स्टॉकहोम की इस कलादीर्घा से बाहर निकाल दिया गया.
हालांकि इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरोन ने राजदूत माज़ेल के इस तेवर की तारीफ़ की है.
इस कलाकृति में एक पूल में लाल रंग का तरल पदार्थ भर दिया गया था जो ज़ाहिर तौर पर ख़ून का प्रतीक दिखाई देता था.
इस कलाकृति के साथ एक गीत चल रहा था... मेरा दिल ख़ून में तिरता है...
इस पूल में एक नाव में उस महिला की तस्वीर लगा दी गई थी जिसने पिछले हफ़्ते इसराइल में आत्मघाती हमला किया था.
उस हमले में 19 इसराइली मारे गए थे.
वह हमास की पहली महिला आत्मघाती हमलावर थी.
राजदूत माज़ेल ने इसराइली कलाकार की इस कृति को 'नरसंहार के लिए आमंत्रण' कहा है.
इसराइल ने स्वीडन सरकार से कहा है कि वह इस कलाकृति को नष्ट करवाए.
'बौद्धिक बौनापन'
इसाइली प्रधानमंत्री ने कहा, ''यहूदियों की मुख़ालिफ़त की यह प्रवृति इतनी गंभीर है कि उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त न करना अक्षम्य होता.''
जबकि इस कलाकृति को बनाने वाले कलाकार ड्रोर फ़ेलर ने अपने काम की निंदा को व्यर्थ बताते हुए कहा है कि इसमें खुलेपन का संदेश है.
उन्होंने राजदूत के व्यवहार को बौद्धिक बौनापन बताया है और कहा है कि उन्होंने अभिव्यक्ति की और कला की स्वतंत्रता को रोकने की कोशिश की है.
माज़ेल ने एक स्पॉटलाइट को कलाकृति पर फेंक दिया था.
स्वीडन के विदेश मंत्रालय ने राजदूत माज़ेल से उनके इस व्यवहार के लिए स्पष्टीकरण माँगा है.