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'शियाओं से मतभेद सुलझने की उम्मीद'

इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर का कहना है कि इराक़ियों को सत्ता सौंपने के मसले पर शिया समुदाय के साथ कोई गंभीर मतभेद नहीं हैं.

उन्होंने वाशिंगटन में अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश से मुलाक़ात के बाद ये कहा.

ब्रेमर ने उम्मीद जताई कि सत्ता सौंपने को लेकर शिया समुदाय के साथ मतभेदों का कोई हल निकाल लिया जाएगा.

ब्रेमर और बुश के बीच ये मुलाक़ात इराक़ में चुनाव करवाए जाने की माँग को लेकर शियाओं के विरोध के बाद हुई.

शियाओं के एक प्रमुख नेता आयतोल्ला अली अल सिस्तानी ने धमकी दी है कि अगर बिना चुनाव के सरकार बनाई गई तो आम हड़तालें की जाएँगी.

कर्बला में शुक्रवार को नमाज़ के बाद शिया नेता सिस्तानी के एक प्रतिनिधि ने अपने समर्थकों से कहा,"अगले कुछ दिनों में प्रदर्शन, विरोध और हड़तालें होंगी और सैनिकों के साथ संघर्ष भी हो सकता है".

गुरूवार को उनकी माँग के समर्थन में हज़ारों की संख्या में शियाओं ने बसरा में प्रदर्शन किए थे.

माँग

शिया नेता ये माँग कर रहे हैं कि जुलाई में इराक़ियों को सत्ता सौंपने से पहले इराक़ में चुनाव करवाए जाएँ और इन निर्वाचित लोगों की ही सरकार बनवाई जाए.

पॉल ब्रेमर ने कहा है कि शियाओं की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए सत्ता सौंपने की योजना में कुछ परिवर्तन किया जा सकता है.

मगर उन्होंने जुलाई से पहले चुनाव कराए जाने की संभावना पर संदेह जताया.

उन्होंने कहा कि अमरीका एक जुलाई तक इराक़ियों को सत्ता सौंपने के बारे में प्रतिबद्ध है.

अब सोमवार को पॉल ब्रेमर इराक़ी शासकीय परिषद के प्रमुख अदनान पचाची के साथ संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान से मिलेंगे.

समझा जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण बैठक मे वे कोफ़ी अन्नान से संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों को दोबारा इराक़ भेजे जाने के बारे में बातचीत करेंगे.