हॉलैंड में एक स्कूल की कैंटीन में एक छात्र ने अपने अध्यापक के सिर में गोली मार दी जिससे उनकी मौत हो गई.
हेग में स्थित इस स्कूल के कुछ छात्रों ने बताया कि वह छात्र पहले से ही परेशानी पैदा करने वाले के नाम से जाना जाता था और उसी ने अर्थशास्त्र पढ़ाने वाले अध्यापक के सिर में गोली मार दी.
हॉलैंड के प्रधानमंत्री जेन पीटर बालकेनेन्डे ने इसे काफ़ी दुखद और भयावह बताने के साथ ही पूरी जाँच का भी वायदा किया है.
इस हत्याकांड के बाद विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है.
हॉलैंड के किसी स्कूल में इस तरह का ये पहला कांड है और इसके बाद इससे पूरा देश सकते में आ गया है.
अध्यापक की बाद में मौत हो गई और छात्र ने ख़ुद को पुलिस के हवाले कर दिया.
सुरक्षा चिंता
जनता को विद्यालयों में अध्यापकों की सुरक्षा को लेकर चिंता है और इस बात पर विचार हो रहा है कि क्या विद्यालयों में अभी जितनी सुरक्षा है वह पर्याप्त है.
हॉलैंड में बंदूकों के ज़रिए हिंसा आम तौर पर नहीं होती है.
देश में पिछले साल के आँकड़े बताते हैं कि कुल शिक्षकों में से आधों को उनके छात्रों ने धमकियाँ दी थीं और 50 अध्यापकों में से एक पर शारीरिक हमला भी हुआ था.
अध्यापकों की राष्ट्रीय यूनियन की माँग और नियमों के साथ ही सुरक्षा कैमरों और पुलिस सुरक्षा की भी है.
देश के किसी स्कूल में पहली बार पाँच साल पहले गोली चली थी. उस समय एक छात्र ने पाँच लोगों को घायल कर दिया था.
उसे पाँच साल के क़ैद की सज़ा दी गई थी.