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शेरॉन ने कहा कि शांति सीरिया के हाथ में

इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि वह सीरिया के साथ तभी बातचीत शुरू करेंगे जब वह आतंकवाद को अपना कथित समर्थन बंद करता है.

रविवार को इसराइली मंत्रिमंडल को अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इन ख़बरों की भी पुष्टि की जानी चाहिए कि सीरिया वास्तव में बातचीत दोबारा शुरू करना चाहता है.

उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ के एक दूत मार्क ओट्टे ने कहा था कि सीरिया ने बातचीत दोबारा शुरू करने की इच्छा के संकेत दिए हैं.

शेरॉन ने कहा कि उन्हें अब भी लगता है कि सीरिया लेबनानी चरमपंथी संगठन हिज़बुल्ला के एजेंटों को मदद दे रहा है.

हिज़बुल्ला पर इसराइल में हमलों का आरोप लगता रहा है.

शेरॉन ने कहा कि चरमपंथियों को मदद रुकते ही इसराइल सीरिया के साथ बातचीत को तैयार होगा.

इसराइल और सीरिया तकनीकी रूप से अब भी युद्धरत हैं.

दोनों के बीच गोलान पहाड़ियों के मुद्दे पर चार साल पहले बातचीत टूट गई थी.

ग़ौरतलब है कि 1967 के युद्ध में इसराइल ने सीरियाई गोलान पहाड़ियों को अपने क़ब्ज़े में ले लिया था.

इससे पहले इसराइली रक्षा मंत्री शौल मोफ़ाज़ ने कहा है कि सीरिया का ताज़ा रुख़ अमरीकी दबाव का परिणाम है.

गोलान पहाड़ियाँ सीरिया को सौंपे जाने के प्रस्ताव को इसराइल को दो प्रमुख मंत्रियों- वित्त मंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और विदेश मंत्री सिल्वन शैलोम- का समर्थन प्राप्त है.