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लीबिया फ़्रांस को मुआवज़ा देने पर सहमत

कई वर्षों की कोशिशों के बाद लीबिया ने उस समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिसके तहत फ़्रांसीसी विमान पर हुए बम हमले में मारे गए लोगों के संबंधियों को मुआवज़ा देने का प्रावधान था.

सितंबर, 1989 में पेरिस जा रहे इस विमान में अफ्रीकी देश निजेर के ऊपर धमाका हुआ था.

कांगो से पेरिस की उड़ान भर रहे यूटा के इस विमान में विस्फोट की वजह से 170 यात्री मारे गए थे.

इस समझौते के तहत लीबिया इस विमान विस्फोट में मारे गए लोगों को 17 करोड़ डॉलर का मुआवज़ा देगा और प्रत्येक परिवार को दस-दस लाख डॉलर मिलेंगे.

समझौते के बाद फ़्रांस के विदेश मंत्री डॉमिनिक द विलेपाँ ने कहा कि इस पर हस्ताक्षर करने से लीबिया और फ़्रांस के संबंधों को सामान्य करने के बीच खड़ी आख़िरी बाधा दूर हुई है.

मारे गए लोगों के संबंधियों के एक प्रवक्ता गियोम डेन्वा सेंट मार्क ने कहा कि समझौता ये साबित करता है कि लीबिया के रवैये में बदलाव आ रहा है.

प्रवक्ता का कहना था," जहाँ तक उस बम कांड में मारे गए लोगों के परिजनों का सवाल है तो अपने किसी सगे को खोने का उनका ये घाव तो कभी नहीं भरेगा. लेकिन ये समझौता उनके घाव पर मरहम का काम ज़रूर करेगा."

फ़्रांसीसी विमान पर इस बम हमले के समय फ़्रांस के प्रधानमंत्री रहे मिशेल रोका का कहना था कि अभी प्राथमिकता बम हमले के शिकार लोगों के संबंधियों को कुछ राहत दिलाने की थी.

साथ ही उनका कहना था कि इसका मतलब ये नहीं कि इससे उस घटना की याद मिट जाएगी.

लेकिन मुआवज़े की ये रकम उस मात्रा से काफ़ी कम है जिस पर एक साल पहले लीबिया लॉकरबी बम कांड में मारे गए लोगों के संबंधियों को देने के लिए राज़ी हुआ था.

लेकिन निजेर बम कांड में मारे गए लोगों के संबंधियों ने लीबिया के इस क़दम पर राहत की सांस ली है.

उनका मानना है कि समझौते से कई साल से चली आ रही अनिश्चितता आख़िर ख़त्म हुई.