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अब उंगलियों के निशान लेगा अमरीका

अमरीका में नए सुरक्षा नियमों के तहत अब वहाँ आने वाले विदेशी लोगों के फ़ोटो खींचे जाएँगे और उंगली के निशान की जाँच की जाएगी.

नई व्यवस्था उस पुराने रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम की जगह लेगी जिसे मुसलमानों और मध्य पूर्व के लोगों के ख़िलाफ़ माना जा रहा था.

लेकिन आलोचकों का कहना है कि नई व्यवस्था उतनी ही ख़राब है और लोगों से ऐसे व्यवहार किए जाने की बात की जा रही है जैसे वे अपराधी हों.

अमरीका का यह नया सुरक्षा अधिनियम आज से लागू हो रहा है और ज़्यादातर यूरोपीय लोग इसके दायरे में नहीं आएँगे.

इस व्यवस्था के तहत विदेशी लोगों से जुटाई गई जानकारी इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस में जाएगी और अधिकारी इसके सहारे पहचान की पुष्टि करेंगे.

अभी यह अधिनियम उन्हीं लोगों पर लागू होगा जो वीज़ा लेकर वहाँ जाएँगे.

यूरोपीय लोगों को छूट

अभी ज़्यादातर ब्रितानी और बाक़ी के यूरोपीय यात्रियों को वीज़ा के बिना ही अमरीका की यात्रा की छूट मिली हुई है और इस कारण वे कम से कम इस साल के आख़िर तक इस व्यवस्था के दायरे में नहीं आएँगे.

अमरीका में पहले से ही चल रही कड़ी सुरक्षा के बाद अब इस नई व्यवस्था के कारण यात्रियों के लिए आव्रजन प्रक्रिया में और देरी हो सकती है.

लेकिन इस व्यवस्था के प्रभारी अधिकारी एसा हचिंसन का कहना है कि ऐसा नहीं होगा.

उन्होंने कहा, "इस प्रक्रिया में सिर्फ़ कुछ सेकेंड ही लगेंगे. हम इसकी व्यवस्था करने के लिए हर क़दम उठा रहे हैं ताकि यात्रियों को देर न लगे."

लेकिन अमरीका के इस सुरक्षा अधिनियम को लेकर शंकाएँ व्यक्त की जा रही हैं और इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया जा रहा है.

अमेरिकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन के टिम एडगर ने बीबीसी को बताया, "हमें इन नीतियों से होने वाली मुश्किलों के बारे में भी सोचना चाहिए. विशेष रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम के तहत क़रीब 13 हज़ार लोगों को वापस भेजने का आदेश दिया गया, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश की. इससे उन देशों के साथ संबंध बिगड़ सकते हैं जिनके साथ संबंध सुधारने की कोशिश हो रही है."

दूसरी ओर अमरीकी अधिनियम के जवाब में ब्राज़ील के अधिकारियों ने अपने यहाँ पहुँच रहे सभी अमरीकी नागरिकों के फ़ोटो और उंगलियों के निशान लेने शुरू कर दिए हैं.