भूकंप से बर्बाद ईरान के बाम शहर में छह दिनों से मलबे में दबे एक व्यक्ति को जीवित निकाले जाने की ख़बर है.
जीवित निकाले गए 26 वर्षीय यादोल्ला सादत ने विशेषज्ञों की इस राय को झुठला दिया कि छह दिनों तक मलबे में बिना पानी के कोई बच पाएगा.
ख़बरों के अनुसार सादत एक अलमारी के नीच पड़ा हुआ था.
सादत को बचाने के पीछे उनकी पत्नी का हाथ है जो कि भूकंप के बाद बेहोश हो गई थी.
अस्पताल से छूटते ही वह अपने पति को खोदकर निकालने के लिए जा पहुँची.
इससे पहले बुधवार को भी 11 लोगों को मलबे से जीवित बचाया गया था.
बाम के 90 प्रतिशत भवन ध्वस्त हो गए हैं, और एक अनुमान के अनुसार भूकंप में कोई 50 हज़ार मौतें हुई हैं.
लेकिन मौत की काली छाया के बीच बाम में ज़िंदगी ने एक बार फिर अंगड़ाई ली है.
सरकारी रेडियो की एक रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के बाद बाम में पहली शादी आयोजित हुई है.
पहले यह शादी समारोह भूकंप वाले दिन निर्धारित था.
इस बीच क़रीब 40 देशों से आए दल राहत कार्यों में जुटे हुए हैं.
ईरानी विदेश मंत्री कमाल खर्राज़ी ने अपने नववर्ष संदेश में कहा कि ईरान इन राहतकर्मियों के योगदान को कभी नहीं भूल पाएगा.