इसराइल ने गोलान पहाड़ियों पर यहूदियों के लिए बड़े पैमाने पर घर बनाने की एक योजना की घोषणा की है.
छह करोड़ डॉलर की इस योजना के तहत गोलान पहाड़ियों पर यहूदियों की आबादी अगले तीन साल में लगभग 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी.
इसराइल के कृषि मंत्री ने कहा कि इस क़दम से गोलान पहाड़ियों पर इसराइल के क़ब्ज़े को मज़बूती मिलेगी.
इसराइल ने 1967 में अरब देशों और इसराइल के बीच हुई लड़ाई के बाद सीरिया से गोलान पहाड़ियाँ छीन ली थीं.
इसराइल की नई योजना पर सीरिया ने नाराज़गी जताई है.
सीरिया ने कहा है कि अधिकार संबंधी ऐसे मामलों का निपटारा अंतरराष्ट्रीय क़ानून से होना चाहिए न कि सैनिक ताक़त से.
धक्का
संवाददाताओं का कहना है कि इसराइल का ये क़दम सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के लिए एक ज़ोरदार धक्का है.
राष्ट्रपति असद ने हाल ही में गोलान पहाड़ियों को वापस किए जाने के बारे में फिर से बातचीत शुरू करने की बात उठाई थी.
मगर इसराइली मंत्री ने जिस तरह की बातें की हैं उससे सीरियाई राष्ट्रपति के इरादों को धक्का लगा है.
इसराइल के सरकारी रेडियो पर कृषि मंत्री ने कहा,"इस नई योजना का उद्देश्य ये जताना है कि गोलान इसराइल का अभिन्न अंग है".
उन्होंने कहा कि सीरिया एक तरफ़ तो शांति की बात कर रहा था और दूसरी तरफ़ खुलकर फ़लस्तीनी आतंकवादियों की मदद कर रहा था.
प्रतिक्रिया
इसराइल को गोलान पहाड़ियों से बाहर करने की माँग कर रहे सीरिया ने इसराइल की योजना पर तीखी नाराज़गी जताई है.
सीरिया के विदेश उपमंत्री इसा दावीश ने कहा,"इसराइल इस ग़लतफ़हमी में है कि वह ताक़त के दम पर कुछ हासिल कर सकता है".
सीरिया ने अपने ऊपर लगाए गए इसराइल के इस आरोप से भी इनकार किया है कि वह आतंकवाद को समर्थन दे रहा है.
उसने कहा है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में केवल अपने सूचना कार्यालय बनाए हुए हैं और उनको भी बंद कर दिया गया है.
गोलान पहाड़ी
गोलान पहाड़ी सीरिया और इसराइल की सीमा के पास एक हरा-भरा पठारी इलाक़ा है.
यहाँ काफ़ी पानी है और इसराइल की पानी की ज़रूरत का एक तिहाई हिस्सा यहीं से पूरा होता है.
इस क्षेत्र में फ़िलहाल यहूदियों की 31 बस्तियाँ बनी हुई हैं जिनमें लगभग साढ़े 10 हज़ार लोग रह रहे हैं.