ईरान के बाम क्षेत्र में चार दिन पहले आए भूकंप के मलबे में अब जीवितों की तलाश ख़त्म हो रही है क्योंकि उम्मीद भी बाक़ी नहीं बची है.
अब ध्यान उन पर दिया जा रहा है जो इस भूकंप की तबाही से बच पाए हैं.
खाड़ी सहयोग परिषद के छह देशों ने बाम में भूकंप की तबाही के बाद ज़िंदगी को फिर से पटरी पर लाने और पुनर्निर्माण के काम के लिए चालीस करोड़ डॉलर देने का वादा किया है.
परिषद ने संयुक्त राष्ट्र की उस पुकार के बाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सोमवार को आपात बैठक की जिसमें ईरान को दिल खोलकर सहायता की अपील की गई थी.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ईरान को संकट की इस घड़ी में अंतरराष्ट्रीय सहायता की खुलकर पेशकश की गई है.
लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने यह चिंता भी ज़ाहिर की है कि आने वाले वक़्त में यह सहायता इसी तरह जारी रहनी चाहिए क्योंकि जीवित बचे लोगों के लिए उसकी बहुत ज़रूरत होगी.
समझा जा रहा है कि इस भूकंप में पच्चीस हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और एक लाख से भी ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं.
मलबे में किसी के जीवित बचे होने की उम्मीद ख़त्म होने के साथ ही कुछ अंतरराष्ट्रीय राहत दल अब वापस लौटना शुरू हो गए हैं.