ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई ने भूकंप में बर्बाद हो चुके ऐतिहासिक बाम शहर को फिर से बसाने की प्रतिबद्धता जताई है.
इस बीच शुक्रवार को आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हज़ार हो गई है.
ख़ामेनेई ने सोमवार को इस ऐतिहासिक शहर का दौरा किया और लोगों को बताया कि पूरा ईरान इस दुख की घड़ी में उनके साथ है.
ख़ामेनेई ने कहा, "हम बाम शहर को पहले से भी ज़्यादा मज़बूत बनाएँगे."
अधिकारियों ने बताया कि बाम में हज़ारों लोगों को तत्काल भोजन, पानी और शरण की ज़रूरत है.
ईरान के गृह मंत्रालय का कहना है कि उम्मीद की आख़िरी किरण तक शहर में जीवित बचे लोगों की खोज जारी रहेगी.
सोमवार सुबह एक 12 साल की एक लड़की को मलबे से जीवित निकाला गया जिसकी एक टाँग टूट गई है.
उम्मीद कम
हालाँकि भूकंप के तीन दिनों के बाद किसी के जीवित बचने की कम ही उम्मीद रह गई है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी को एक सर्जन मोहम्मद एहसानी ने बताया, "राहतकर्मी पिछले दो दिनों से सिर्फ़ शवों को मलबे से निकाल रहे हैं."
एहसानी ने बताया कि प्राथमिकता अब घायलों का इलाज करना और उन लोगों की देखभाल करना है जो बेघर हो गए हैं.
बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीथेड का कहना है कि भारी संख्या में लोग सड़कों पर रह रहे हैं.
दूसरी ओर ईरान रेडियो ने ख़बर दी है कि 25 हज़ार लोगों के शवों को दफ़ना दिया गया है.
कुछ अधिकारियों के अनुसार मरने वालों की संख्या 30 हज़ार तक जा सकती है.