ईरान में भूकंप से भारी तबाही मची है. अधिकारियों के अनुसार 20 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. ऐतिहासिक बाम शहर नष्ट हो गया है.
राहत और बचावकर्मी रात में भी सक्रिय है.
ईरान के दक्षिण-पूर्वी इलाक़े में भूकंप शुक्रवार को तड़के आया, जब अधिकतर लोग अपने घरों में सोए हुए थे.
सबसे ज़्यादा नुक़सान बाम शहर में देखने को मिला.
यह ऐतिहासिक शहर मलबे में तब्दील हो चुका है.
सोलहवीं सदी के आलीशान किले और दो अस्पतालों समेत बाम की अधिकतर इमारतें ध्वस्त हो गई हैं.
सहायता की अपील
राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी ने भूकंप को राष्ट्रीय आपदा बताते कहा है कि अकेले ईरान प्रकृति की इतनी बड़ी मार से नहीं निपट सकता.
अमरीका समेत विभिन्न देशों ने ईरान को सहायता का प्रस्ताव किया है.
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि उनका देश मुसीबत के इस वक़्त में ईरान की मदद को तैयार है.
संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल 90 हज़ार डॉलर की आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए एक टीम ईरान भेजने का फ़ैसला किया है.
इटली यूरोपीय सहायता प्रयासों को निर्देशित कर रहा है.
सहायता एजेंसियाँ टेन्टों, कंबलों और खाद्य सामग्री को सुदूरवर्ती इलाक़ों में जल्दी से जल्दी पहुँचाने का प्रयास कर रही हैं.
लेकिन उन्हें आशंका है कि हज़ारों लोगों को रात में जमा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ सकता है.
तबाही
ईरानी अधिकारियों के अनुसार रिक्टर पैमाने पर भूंकप की तीव्रता 6.3 थी. हालाँकि अमरीकी भूगर्भ विभाग इसे कहीं ज़्यादा 6.7 तीव्रता वाला बता रहा है.
ऐतिहासिक बाम शहर यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल है.
यह सोलहवीं और सत्रहवीं सदी में एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र रहा है.
नेस्तनाबूद हो चुके इस शहर और आसपास के इलाक़ों में कम से कम 20 हज़ार लोग मौत के मुँह में समा गए हैं.
अधिकारियों के मुताबिक़ 50 हज़ार से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. सोलहवीं सदी के एक आलीशान किले समेत हज़ारों भवन ढह गए हैं.
ईरान में भूकंप कोई नई बात नहीं है.
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 1991 में आए भूकंप में 17,600 लोग मारे गए थे और 53 हज़ार से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे.