http://www.bbcchindi.com

लीबिया और कड़े निरीक्षण को राज़ी

लीबिया अपने परमाणु ठिकाने के और कड़े निरीक्षण के लिए तैयार हो गया है.

वियना में राजनयिक सूत्रों का कहना है कि लीबिया ने परमाणु अप्रसार संधि के अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने के लिए अपनी सहमति दे दी है जिसमें और कड़ाई से जाँच की बात कही गई है.

वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अध्यक्ष मोहम्मद अल बारदेई और लीबिया के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई.

ये बातचीत लीबिया के राष्ट्रपति कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी की शुक्रवार की उस घोषणा के बाद हुई है जिसमें उन्होंने कहा था कि लीबिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम ख़त्म करने को तैयार है.

हालाँकि लीबिया परमाणु अप्रसार संधि पर पहले ही दस्तख़त कर चुका है लेकिन इस संधि के अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर दस्तख़त करने का मतलब है कड़ाई से और तुरंत दिए गए नोटिस पर उसके परमाणु ठिकानों का निरीक्षण.

वियना से बीबीसी संवाददाता बेथनी बेल का कहना है कि मुअम्मार गद्दाफ़ी की घोषणा के बाद इस प्रोटोकॉल पर दस्तख़त करने के लिए सहमति देना लीबिया के एक क़दम और आगे बढ़ने के रूप में देखा जा रहा है.

गुरुवार को ही ईरान ने भी इस प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए हैं. ईरान पर भी आरोप हैं कि वह गुप्त परमाणु कार्यक्रम चला रहा है.

माना जा रहा है कि लीबिया के पास परमाणु हथियार तो नहीं हैं लेकिन हथियार विकसित करने की क्षमता हासिल करने के वह काफ़ी क़रीब था.

माँग

दूसरी ओर लीबिया की घोषणा के बाद अरब देशों और ईरान ने इसराइल की सरकार से अनुरोध किया है वह भी लीबिया की तरह महाविनाश के हथियारों को त्याग दे.

मिस्र ने कहा है कि इसराइल को भी अब ऐसा ही करना चाहिए.

बहरीन और क़तर ने कहा है कि लीबिया के फ़ैसले से मध्य पूर्व में भी परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियारों को भी ख़त्म करने में मदद मिलेगी.

ईरान का कहना है कि अब इसारइल के सहयोगी देशों को दबाव डालना चाहिए ताकि इसराइल भी अपने परमाणु हथियार नष्ट करे.

इसराइल ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं या नहीं.

इसराइल के विदेश मंत्रालय ने केवल इतना कहा है कि जब मध्य पूर्व में शांति और सुरक्षा क़ायम हो जाएगी तब यह क्षेत्र परमाणु हथियारों से मुक्त हो जाना चाहिए.