अरब देशों के साथ-साथ ईरान ने इसराइल की सरकार से अनुरोध किया है वह लीबिया की तरह महाविनाश के हथियारों को त्याग दे.
लीबिया ने अपने महाविनाश के हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह से ख़त्म करने की घोषणा की है.
उसके बाद लीबियाई अधिकारी संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निरीक्षण संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद अल बारदेई से मिल चुके हैं और इन हथियारों को नष्ट करने की बात कर चुके हैं.
मिस्र ने कहा है कि इसराइल को भी अब ऐसा ही करना चाहिए.
बाहरीन और कतर ने कहा है कि लीबिया के फ़ैसले से मध्य पूर्व में भी परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियारों को भी ख़त्म करने में मदद मिलेगी.
ईरान का कहना है कि इसारइल के सहयोगी देशों को दबाव डालना चाहिए ताकि इसराइल अपने परमाणु हथियार नष्ट करे.
इसराइल ने अब तक ये स्पष्ट नहीं किया है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं या नहीं.
इसराइल के विदेश मंत्रालय ने केवल इतना कहा है कि जब मध्य पूर्व में शांति और सुरक्षा कायम हो जाती है तब मध्य पूर्व परमाणु हथियारों से मुक्त क्षेत्र बन जाना चाहिए.
उधर लीबिया की पश्चिमी देशों के साथ हुई गुप्त बातचीत के बारे में जानकारी सामने आ रही है.
अमरीकी अधिकारियों ने बताया है कि कर्नल गद्दाफ़ी के साथ अमरीकी और ब्रितानी अधिकारियों की कई बार बैठक हुई और लीबिया ने अपने हथियार कार्यक्रम के बारे में ऐसी जानकारी भी दी जो पहले पश्चिमी देशों के पास नहीं थी.