इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने चेतावनी दी है कि अगर 'रोडमैप' पर कोई प्रगति नहीं हुई तो वह फ़लस्तीन से अलग होने के लिए एकतरफ़ा क़दम उठाना शुरू कर देगा.
शेरॉन ने कहा कि इसका मतलब होगा बाहरी इलाक़ों से आबादी हटाना और पश्चिम तट पर विवादास्पद सुरक्षा घेरा बनाने का काम तेज़ करना.
इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ज़िंदग़ी भर इस बात का इंतज़ार नहीं कर सकते कि फ़लस्तीनी 'आतंक का रास्ता' छोड़ दें.
उन्होंने फ़लस्तीनी नेतृत्व को कुछ महीनों का समय दिया जिससे वह रोडमैप के हिसाब से काम करना शुरू कर दें.
शेरॉन ने अनाधिकारिक तौर पर आए शांति प्रस्तावों की कड़ी आलोचना की.
अमरीका की ओर से आए 'रोडमैप' के बारे में उन्होंने कहा, "रोडमैप ही एकमात्र ऐसी योजना है जिस पर इसराइली, फ़लस्तीनियों और बाक़ी दुनिया में एकमत है."
शेरॉन ने कहा अन्य योजनाएँ जनता को भ्रमित करने वाली और झूठी उम्मीदों वाली हैं.
संकल्प
उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वह अब फ़लस्तीन की किसी ज़मीन पर क़ब्ज़ा नहीं करेंगे और न ही फ़लस्तीनी इलाक़ों में कोई आबादी बसाएँगे.
उन्होंने कहा कि इसराइली फ़लस्तीनियों पर शासन करना नहीं चाहते.
शेरॉन का कहना था, "अगर अगले कुछ महीनों में फ़लस्तीनियों ने कोई जवाबी क़दम नहीं उठाए तो हम एकतरफ़ा क़दम उठाएँगे."
इसके तुरंत ही बाद फ़लस्तीनी नेतृत्व ने शेरॉन के इस बयान की आलोचना भी कर दी है.
उधर व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैक्लीनन ने भी इस बयान पर चिंता ज़ाहिर की है.