इराक़ की अंतरिम शासकीय परिषद में विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है उसे इराक़ में लौटकर वहाँ पुनर्निर्माण का काम संभालना चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इराक़ के भविष्य पर बहस में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन से हिसाब बराबर करने के प्रयास बंद करने चाहिए.
दूसरी ओर इसी बहस में संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका स्पष्ट की जानी चाहिए.
अन्नान ने कहा कि सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी इराक़ियों के लिए एक नई शुरुआत का मौक़ा है और वहाँ सरकार का गठन प्राथमिकता है.
उधर अमरीकी विदेश मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि सद्दाम हुसैन से पूछताछ का काम अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए सँभालेगी.
उनका कहना था कि उन्होंने ये काम सीआईए के निदेशक जॉर्ज टेनेट को सौंपा है.
'सद्दाम के चित्र आपत्तिजनक'
अमरीकी रक्षा मंत्री रम्सफ़ेल्ड ने इस बात पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया कि सद्दाम हुसैन ने अब तक हुई पूछताछ में क्या जानकारी दी है.
उनका कहना था कि अमरीका को इराक़ युद्ध से पहले से जानकारी थी की सद्दाम हुसैन कई जगह पर घूम रहे थे और कभी-कभी इन जगहों पर कुछ घंटे ही बिताते थे.
रम्सफ़ेल्ड का कहना था सद्दाम हुसैन को युद्धबंदी के तौर पर हिरासत में रखा गया है लेकिन उनके क़ानूनी दर्जे पर अभी विचार हो रही है.
रम्सफ़ेल्ड ने सद्दाम हुसैन के चित्र और वीडियो दिखाए जाने के फ़ैसले को सही ठहराया.
वेटिकन के अधिकारियों ने इस विषय पर अमरीका की तीखी आलोचना की है और कहा है कि सद्दाम के साथ पशुयों जैसा व्यवहार होते दिखाया गया है.
वेटिकन का कहना है कि ये समझना ग़लती होगी कि सद्दाम की गिरफ़्तारी से इराक़ युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जा सकती है.
उधर रम्सफ़ेल्ड का कहना है कि यदि सद्दाम के चित्र या वीडियो को दिखाने से जानें बचाई जा सकती हैं तो इसमें कोई हर्ज नहीं है.